जागरण संवाददाता, अमृतसर : गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में एनएसएस विभाग की ओर से पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के सहयोग के साथ पराली न जलाने और वातावरण की संभाल करने संबंधी ट्रेनिग प्रोग्राम वर्कशॉप आयोजितकी गई। जिसमें पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी लुधियाना से आए वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। बोर्ड के डायेरक्टर डॉ. चरणजीत सिंह ने कहा कि पराली जलाने से खेतों की उपजाऊ शक्ति कम हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि किसान को बचे हुए हरे मटीरियल को मिट्टी में मिला देना चाहिए। उन्होनें विभिन्न कॉलेजों से आए अधिकारियों और वलंटियरों को अपील की कि अपने आसपास के गांवों के किसानों को पराली न जलाने और वातावरण की संभाल करने संबंधी जागरूक करें। इस मौके पर डॉ. दलबीर सिंह ने भी पराली न जलाने के फायदे बताए।

Posted By: Jagran

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