जेएनएन, अमृतसर। दुबई में अच्छी खासी नौकरी करने के बाद देश लौटी 32 वर्षीय युवती को Facebook पर नवकरण गिल नाम के युवक से दोस्ती काफी महंगी पड़ गई। 15 अगस्त को Facebook पर दोस्ती के बाद दोनों ने 16 अगस्त की दोपहर पहली डेट की योजना बनाई। आरोपित उसे झंडेर के एक फार्म हाउस में ले गया और कोल्ड ड्रिंंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दुष्कर्म किया।

घटना के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से घर पहुंची और रिश्तेदारों को घटना के बारे में बताया। झंडेर थाने की पुलिस ने शनिवार रात कंबो थानांतर्गत पड़ते नंगली इलाके में स्थित बाबा दीप सिंह कालोनी निवासी नवकरण गिल के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज कर लिया। सब इंस्पेक्टर अवतार सिंह ने बताया कि पीड़िता की डॉक्टरी जांच करवाई जाएगी।

मजीठा रोड की एक कॉलोनी में रहने वाली युवती ने बताया कि उसके पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। ब्यूटीपार्लर का कोर्स करने के बाद वह परिवार की आर्थिक हालत ठीक करने के लिए दुबई चली गई थी। जब मां बीमार हुई तो वह कुछ महीने पहले दुबई से लौट आई। 15 अगस्त की सुबह उसकी Facebook पर नवकरण नाम के युवक की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उसने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली। दोनों में बातें शुरू हो गई।

पहले ही दिन नवकरण ने उसे अपनी बातों के जाल में फंसा लिया और 16 अगस्त की दोपहर मिलने का आफर दे दिया। युवती ने बताया कि आरोपित के बताए ठिकाने पर वह उसे मिलने चली गई। नवकरण सिंह कार में वहां पहुंच गया और मजीठा रोड स्थित एक माल के बाहर से उसे कार में बैठा लिया। कुछ देर आरोपित उसे कार में घुमाता रहा। इस बीच नवकरण ने उसे कार में रखी कोल्ड ड्रिंक पीने को दी।

कोल्ड ड्रिंक पीने के कुछ देर बाद वह बेहोश होने लगी। लगभग दो घंटे बाद उसे होश आया तो वह एक फार्म हाउस के अंधेरे कमरे में थी। उसके कपड़े उतरे हुए थे। उसने कपड़े पहने और किसी तरह फार्म हाउस से बाहर निकली। वहां चारों तरफ खेत ही खेत थे। इतने में आरोपित नवकरण ने अपनी कार निकाली और उसके आगे पहुंचकर कार का दरवाजा खोल दिया। वह आरोपित के साथ कार में दोबारा बैठ गई और नवकरण ने उसे मजीठा रोड इलाके में छोड़ दिया और फरार हो गया।

181 पर की शिकायत

पीड़िता ने बताया कि घर पहुंचकर उसने सारी बात बताई। परिवार ने जब उसे जलील किया तो उसने 181 नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई। नवकरण का परिवार राजनीति में पैठ रखता है। शनिवार सारा दिन उसे झंडेर थाने में बैठाया गया। आरोपित का सारा परिवार उस पर दबाव बनाता रहा। उसके न मानने पर केस दर्ज तो कर लिया गया, लेकिन अभी तक मेडिकल नहीं करवाया गया।

पुलिस की भूमिका संदिग्ध : कानूनविद्

कानूनविद् रवि महाजन ने बताया कि कार्रवाई में पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है। घटना के 24 घंटे के भीतर दुष्कर्म पीड़िता की डाक्टरी जांच होनी चाहिए। पीड़िता को चाहिए कि वह न्यायिक अधिकारी से सीधे संपर्क करे। अगर पुलिस एफआइआर में त्रुटियां छोड़ रही है तो वह पीड़िता को निशुल्क कानूनी सहायता देंगे।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

इंडियन टी20 लीग

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!