'जुर्म गंभीर, सिख सिद्धांतों को खत्म...'; AAP विधायक मनविंदर ग्यासपुरा तनखैया घोषित, श्री अकाल तख्त साहिब का बड़ा एक्शन
श्री अकाल तख्त साहिब ने AAP विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को 'तनखाहिया' घोषित किया है। उन पर श्री हरमंदिर साहिब ...और पढ़ें
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AAP विधायक मनविंदर ग्यासपुरा और श्री अकाल तख्त साहिब से फैसला सुनाते जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह और सिंह साहिबान। फोटो जागरण
HighLights
AAP विधायक मनविंदर ग्यासपुरा 'तनखाहिया' घोषित।
हरमंदिर साहिब पर जाति भेदभाव का झूठा आरोप।
सिख सिद्धांतों के उल्लंघन पर अकाल तख्त की कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। शुक्रवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज की अगुवाई में पांच सिंह साहिबों की एक बैठक सेक्रेटेरिएट श्री अकाल तख्त साहिब में की गई। इस दौरान लुधियाना के पायल विधानसभा क्षेत्र के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के मामले पर चर्चा हुई और मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को तनखाहिया घोषित कर दिया गया।
श्री अकाल तख्त साहिब की फसील से पांच सिंह साहिबानों द्वारा फैसले की घोषणा करने वाले जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि 12 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ विधायक और नेता एक ज्ञापन देने के लिए सेक्रेटेरिएट श्री अकाल तख्त साहिब आए थे।
इस दौरान सिख संस्थाओं के बारे में अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए जत्थेदार के आदेश पर मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को सेक्रेटेरिएट में घुसने से रोका गया था और वहां मौजूद विधायक को भी इस बारे में बताया गया था। लेकिन गुरु साहिब द्वारा बनाए गए तख्त साहिब के बारे में बोलते हुए मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने श्री हरि मंदिर साहिब के सेवादारों पर जाति भेदभाव का झूठा आरोप लगाया।
राजनीतिक फायदे के लिए सिख सिद्धांतों के खिलाफ गए
श्री हरमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब के बारे में बहुत ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे दुनिया में रहने वाली सभी गुरु नानक नाम लेवा संगत और खालसा पंथ के दिलों को गहरी चोट पहुंची है। एक प्रतिनिधि मंडल के रूप में पहुंचे विधायकों ने माना कि मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने जानबूझकर जाति का मुद्दा उठाया, जबकि उस दिन ऐसा कुछ नहीं हुआ था।
मनविंदर सिंह ग्यासपुरा अपने निजी राजनीतिक फायदे के लिए श्री हरि मंदिर साहिब और सिख सिद्धांतों के खिलाफ गए हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अमृत का तोहफा देकर जाति, ऊंच-नीच, भेदभाव, छुआछूत, जातिवाद, रंग-भेद वगैरह खत्म किया है।
लेकिन उन्होंने अमृतधारी बनकर जाति के आधार पर नफरत फैलाने की झूठी कहानी बनाई है, जिसकी वजह से कई सिख विरोधी तत्वों ने सिख संस्थाओं और सिख धर्म के खिलाफ गलत प्रोपेगैंडा शुरू कर दिया है।
ग्यासपुरा ने श्री हरि मंदिर साहिब के खिलाफ ईशनिंदा की है, जो सच्चाई और इंसानियत की गद्दी को गले लगाता है। उनका जुर्म बहुत गंभीर है और सिख सिद्धांतों को खत्म कर रहा है, इसलिए मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को बदनाम करने वाला कहा जाता है।
सिखों को इससे जुड़ने से बचना चाहिए। इस मौके पर पांचों सिंह साहिबों के साथ तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, श्री हरि मंदिर साहिब के गंथी ज्ञानी परविंदरपाल सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के गंर्थी गुरबख्शीश सिंह और भाई परमजीत सिंह मौजूद थे।
जीवन सिंह बगीची वाले के प्रवचन पर रोक
एक और फैसला जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने सुनाया, जिसमें उन्होंने कहा कि खुद को उपदेशक बताने वाले जीवन सिंह बगीची वाले ने गुरुबाणी सिख परंपराओं, सिख कोड ऑफ कंडक्ट, सिख इतिहास के खिलाफ लंबे समय से विवादित कमेंट किए हैं और चवर छतर तख्त के मालिक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की गुरुतव को चुनौती दी है।
जीवन सिंह बगीची वाले को गुरुबाणी सिख इतिहास, सिख परंपराओं, सिख कोड ऑफ कंडक्ट और गुरमत की समझ नहीं है। इसलिए, जीवन सिंह बगीची वाले को उपदेश देने/पढ़ने से बैन किया जाता है।
