कपूरथला के सरकारी अस्पताल में पैरासिटामोल इंफ्यूजन लगाने के बाद महिला की मौत, 6 की बिगड़ी तबीयत; अमृतसर रेफर
कपूरथला के सरकारी अस्पताल में पैरासिटामोल इंफ्यूजन के बाद एक महिला की मौत और छह अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
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पैरासिटामोल इंफ्यूजन लगाने के बाद महिला की मौत। फोटो जागरण
HighLights
कपूरथला अस्पताल में पैरासिटामोल इंफ्यूजन से एक महिला की मौत।
छह अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, दो अभी आईसीयू में।
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित दवा बैच के इस्तेमाल पर लगाई रोक।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। कपूरथला के सरकारी अस्पताल में पैरासिटामोल इंफ्यूजन दिए जाने के बाद एक महिला मरीज की मौत और छह अन्य महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए पैरासिटामोल इंफ्यूजन के एक विशेष बैच के इस्तेमाल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। प्रदेश के सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि इस बैच की दवा का इस्तेमाल तत्काल प्रभाव से बिल्कुल न किया जाए।
जानकारी के अनुसार संबंधित दवा पैरासिटामोल इंफ्यूजन आईपी 1 प्रतिशत डब्ल्यू/वी है। यह 100 मिलीलीटर की बोतल में आती है और नस के माध्यम से मरीजों को उपचार के दौरान दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिस बैच को लेकर रोक लगाई गई है, उसका बैच नंबर 0125के005 है।
दवा का निर्माण नवंबर 2025 में हुआ था, जबकि इसकी उपयोग की अंतिम तिथि अक्टूबर 2027 निर्धारित है। बोतल पर निर्माण लाइसेंस नंबर एलवीपी/18/12 दर्ज है। यह दवा बद्दी स्थित हिंदुस्तान पालीफैब कंपनी द्वारा निर्मित बताई गई है।
चिकित्सकीय टीम ने तत्काल मरीजों का उपचार शुरू किया
बताया जा रहा है कि अस्पताल में उपचार के दौरान महिलाओं को यह इंफ्यूजन दिया गया था। दवा नस के माध्यम से शरीर में पहुंचने के कुछ ही पलों बाद कुछ मरीजों को घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकीय टीम ने तत्काल मरीजों का उपचार शुरू किया।
इसी दौरान एक महिला मरीज की मौत हो गई, जबकि सात अन्य महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ा। ये महिलाएं तड़पने लगीं और सांस लेने में तकलीफ हुई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित बैच के पैरासिटामोल इंफ्यूजन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
विभाग की ओर से स्वास्थ्य संस्थानों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि जांच पूरी होने और अगले आदेश तक इस बैच की दवा किसी भी मरीज को न दी जाए।
लैब रिपोर्ट का इंतजार
इधर, मृतका के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया। इसके बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण मौत के कारणों की जांच में कुछ परेशानियां सामने आ सकती हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए संबंधित दवा का सैंपल लिया है और उसे लैब में भेज दिया गया है। अब लैब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने बताया कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि महिला की मौत और अन्य मरीजों की तबीयत बिगड़ने का सीधा संबंध पैरासिटामोल इंफ्यूजन से ही है। यह मामला कपूरथला से संबंधित है, इसलिए कपूरथला में ही इस मामले की सारी जांच पड़ताल की जाएगी।
मरीजों में सामने आए लक्षणों का इस दवा से कोई संबंध था या नहीं
अमृतसर में तो केवल उपचार हुआ है। उन्होंने कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि दवा में किसी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी समस्या थी या नहीं और मरीजों में सामने आए लक्षणों का इस दवा से कोई संबंध था या नहीं।
दूसरी तरफ अस्पताल में उपचार के बाद चार महिलाओं को छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो महिलाएं अभी आईसीयू में उपचाराधीन हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना का वास्तविक कारण क्या था और क्या संबंधित दवा के बैच में किसी तरह की गड़बड़ी थी।
