विपिन कुमार राणा, अमृतसर

शहर में मैकेनिकल स्वीपिग करने वाली दिल्ली की लाइन सर्विस लिमिटेड कंपनी ने काम ठप कर दिया है। श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को देखते हुए नगर निगम ने कंपनी के जिम्मे वाली सड़कों की कमान खुद संभाल ली है। कंपनी के व्यवहार करे देखते हुए निगम ने कंपनी का करार तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है। दूसरी तरफ निगम के सेहत विभाग ने 55 किलोमीटर की सड़कों अपना स्टाफ व मशीनरी लगाते हुए सफाई व कूड़े की लिफ्टिंग को चाकचौबंद करने की कवायद छेड़ दी है।

बताते चलें कि 21 अक्टूबर को कंपनी प्रबंधकों के साथ हुई निगम अधिकारियों की बैठक में उन्हें स्पष्ट कर दिया गया था कि नियमों के मुताबिक उन्होंने शहर की व्यवस्थाओं के लिए मैनफोर्स व मशीनरी नहीं लगाई हुई है। हालांकि कंपनी प्रबंधकों ने निगम की तरफ 14 करोड़ रुपये बकाया होने का हवाला देते हुए बकाया क्लीयर करने को कहा था। कंपनी प्रबंधकों का कहना था कि अप्रैल 2018 से उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा। इससे पहले कंपनी द्वारा 15 जून को भी काम बंद कर दिया गया है और मेयर के आश्वासन के बाद काम शुरू हुआ था। 109 से 55 किलोमीटर सड़कों पर सिमटा करार

दिल्ली की लाइन सर्विस लिमिटेड कंपनी का निगम के साथ 109 किलोमीटर की मैकेनिकल स्वीपिग का करार हुआ था। बाद में इसकी समीक्षा के बाद यह काम 55 किलोमीटर तक सिमटकर रह गया था। करार के मुताबिक प्रति किलोमीटर प्रति माह एक लाख 18 हजार रुपये निगम द्वारा कंपनी को दिए जाने थे। लेकिन निगम की वित्तीय हालत की वजह से राशि पेंडिग होती रही और अब यह 14 करोड़ हो गई है। कंपनी के पास था अहम सड़कों का जिम्मा लाइन सर्विस लिमिटेड कंपनी के पास शहर की अहम सड़कों का जिम्मा रहा है। इंडिया गेट छेहर्टा से जीटी रोड, कोर्ट रोड से वेरका बाईपास तक, लारेंस रोड, मॉल रोड, फतेहगढ़ चूडि़यां रोड, एलिवेटिड रोड, वाल्ड सिटी श्री दरबार साहिब को जाने वाली अहम सड़कों की सफाई व कूड़े की लिफ्टिंग का जिम्मा इनके पास रहा है।

निगम ने सफाई के लिए झोंका अपना तंत्र

छह नवंबर को कंपनी द्वारा काम बंद कर दिया गया था। उसके बाद निगम ने अपना पूरा तंत्र आउट सोर्सिंग के जरिये कंपनी के जिम्मे वाली सड़कों की सफाई के लिए झोंका हुआ है। सेहत अधिकारी डॉ. अजय कुंवर के मुताबिक आउट सोर्सिंग से दो सौ कर्मचारी कंपनी वाली सड़कों की सफाई का जिम्मा संभाल रहे हैं। 17 ट्रालियां कूड़े की लिफ्टिंग के लिए लगाई जा रही हैं और वाल्ड सिटी के लिए मैकेनिकल स्वीपिग के लिए 12 नवंबर से शुरू कर दी जाएगी। भुगतान की बात हो गई थी : रिषी

निगम के एडीशनल कमिश्नर संदीप रिषी ने कहा कि कंपनी द्वारा 14 करोड़ बकाये को लेकर जब अपना पक्ष रखा गया था तो उन्हें बताया गया था कि उन्हें पैनेल्टी नोटिस भी भेजे गए हैं और पैनेल्टी काटने के बाद उनका भुगतान उनका होता रहेगा। इसके अलावा उन्हें हर महीने बनती राशि का अब से भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बावजूद कंपनी ने काम बंद कर दिया, जिसके बाद निगम को इनका करार टर्मीनेंट करने का निर्णय लेना पड़ा। अब निगम अपने संस्थानों से काम चला रहा है और जल्द ही सारा काम पटरी पर आ जाएगा।

Posted By: Jagran

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