संवाद सहयोगी, अमृतसर

शिक्षा मंत्री ओम प्रकाश सोनी के गृह जिले में एसएसए व रमसा अध्यापकों को चार माह से तनख्वाह नहीं मिली है। इससे नाराज शिक्षकों ने रोष स्वरूप जलियांवाला बाग के बाहर बैठ कर भीख मांगी। इस दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

उन्होंने ऐलान किया कि यदि उनकी मांगे जल्द न मानी गयी तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।

अध्यापक नेता ओंकार ¨सह ने कहा कि एसएसए व रमसा के अधीन लगभग 8500 अध्यापक पिछले लगभग दस सालों से पंजाब भर के स्कूलों में सेवाएं निभा रहे हैं, जिन्हें रेगुलर नहीं किया जा रहा है। शिक्षा अधिकार कानून सहित केंद्र सरकार की ओर से जारी किए अलग अलग पत्रों में इन अध्यापकों को शिक्षा विभाग के मुलाजिम बताया जा रहा है। केंद्र से आए पत्रों को पूरी तरह नजरअंदाज करने वाली पंजाब सरकार द्वारा अब इन अध्यापकों को रेगुलर करने की बात तो की जा रही है पर रेगुलर करने के एवज में इन अध्यापकों की तनख्वाह में 75 प्रतिशत तक की कटौती की जा रही है। जिससे सिर्फ यह 8500 अध्यापक ही नहीं बल्कि इन अध्यापकों पर पूरी तरह निर्भर इनके परिवार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे है।

नेताओं ने पंजाब सरकार से मांग की है कि एसएसए व रमसा अध्यापकों की पिछली दस साल की सेवाओं को देखते इन अध्यापकों को पूरी तनख्वाह व सुविधा सहित पिछली सेवाओं का लाभ देते शिक्षा विभाग में रेगुलर किया जाए। अध्यापकों की पिछले चार महीने से पें¨डग तनख्वाह तुरंत जारी की जाए। इस मौके पर मैडम दीपिका, पूनम, नीतू, रा¨जदर कौर, निधि, हरप्रीत कौर, सुख¨वदर कौर, गीतिका, रामपाल, विजय कुमार, कुलदीप कौर, हर¨वदर ¨सह, गुरप्रीत ¨सह, मनीष शर्मा, पर¨वदर ¨सह, हरसुखपाल, अमित शारदा, करणप्रीत ¨सह, कुल¨वदर कौर, मधु, लख¨वदर कौर, मैडम गगनदीप कौर, बरखा बाली, हरपी्रत ¨सह, कुलजीत कौर, प्रदीप वर्मा आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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