अमृतसर, जेएनएन। कोरोना की दहशत और इससे जंग के बीच बेहद अच्‍छी खबर मिली है। अमृतसर में मिले पंजाब के पहले कोरोना संक्रमित मरीज ने इस महामारी को मात दे दी है और जिंदगी की जंग जीत ली है। होशियारपुर निवासी 43 वर्षीय शख्स इलाज के बार कोरोना वायरस COVID-19 से मुक्‍त हो गया है। यह व्‍यक्ति 4 मार्च को जर्मनी से आया था। वह मूल रूप से होशियारपुर का रहनेवाला है।

अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब से किए गए टेस्ट में वह संक्रमण मुक्त पाया गया है। पिछले 21 दिनों से अमृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल के आइसोलेशन वॉर्ड में उपचाराधीन इस शख्स का पहला टेस्ट दिल्‍ली एम्स से करवाया गया था और इसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी लैब से करवाए गए टेस्ट में भी से COVID-19 पॉजिटिव पाया गया था। उसके बेटे और पत्‍नी के सैंपल के टेस्‍ट भी करवाए गए थे और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।

आइसोलेशन वॉर्ड में इस शख्स पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही थी। डॉक्‍टरों के अनुसार, इलाज के दौरान उसे क्लोरोक्वीन, एंटी रेट्रोवायरल ड्रग लाइपोना व रेटोना (एचआइवी पेशेंट को दी जानेवाली) का कॉम्बीनेशन दी गई। उसे स्‍वाइन फ्लू के मरीजो को दी जानेवाली दवा टेमीफ्लू और एजिथ्रोमाइनिस दवा दी गई। इसके अलावा मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विशेष दवाएं दी गईं।

दवाओं का असर और डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई। बीते बुधवार को मरीज का सैंपल इंफ्लुएंजा लैब भेजा गया था। इस दौरान उसकी प्राथमिक एवं कन्फर्मेशन रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद वीरवार को भी उसके गले से थ्रोड स्वैब लेकर इंफ्लुएंजा लैब लाया गया। दो चरणों में हुए टेस्ट के पहले चरण में ई-जीन की जांच की गई और दूसरे चरण में ओआरएफबी टेस्ट हुआ। दोनों टेस्टों की रिपोर्ट निगेटिव आई। यह डॉक्टरों के लिए अविस्मरणीय पल था। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक डॉक्टर ने बताया कि मरीज का संक्रमण मुक्त होने की सर्वाधिक खुशी हमें हैं।

मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा का कहना है कि मरीज का ट्रीटमेंट विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार किया गया था। फिलहाल उसे आइसोलेशन वॉर्ड में रखा जाएगा। डॉक्टरों की टीम उसका लगातार परीक्षण कर रही है। डॉक्टरों द्वारा मुहर लगने के बाद ही उसे छुट्टी दी जाएगी।

नवांशहर से आए 110 सैंपल 

नवांशहर में कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद दहशत बरकरार है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसके संपर्क में आए लोगों के टेस्ट करवाए जा रहे हैं। वीरवार को नवांशहर से 110 सैंपल मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब भेजे गए। प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा के अनुसार इंफ्लुएंजा लैब में अब तक 74 लोगों के सैंपलों की जांच की गई है। इनमें चार कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 26 सैंपलों की जांच जारी है। वहीं आइसोलेशन वॉर्ड में अब तक 36 लोगों को लाया गया।

संक्रमण मुक्त होने के बाद क्‍वारंटाइन में रहना होगा

संक्रमण मुक्त होने के बाद इस शख्स को फिलहाल तो अस्पताल में ही रखा गया है। हालांकि डॉक्टर जल्द ही इसे घर भेज सकते हैं। घर जाने के बाद इस शख्स को एकांतवास (क्‍वारंटाइन) में ही रहना होगा, क्योंकि यदि कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति इसे संपर्क में आया तो वह बहुत जल्दी इसकी चपेट में आ सकता है।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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