अखिलेश सिंह यादव, अमृतसर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की वीरवार को दसवीं की साइंस और 12वीं कक्षा की फूड प्रोडक्शन विषय की परीक्षा आयोजित की गई। दोनों कक्षा की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई हैं। वहीं वीरवार को शिक्षकों को प्रश्न पत्र को इंटरनेट से डाउनलोड व प्रिट करवाने में पसीने छूट गए। आनन-फानन में प्रश्नपत्र के डाउनलोड का काम निर्धारित समय में पूरा कर परीक्षा 11.30 बजे शुरू करवाई और परीक्षा लगभग डेढ़ घंटे तक चली। हालांकि 10वीं की साइंस विषय की परीक्षा भी विद्यार्थियों के लिए काफी मुश्किल साबित हुई।

महामारी के चलते पहली बार बोर्ड क्लास दसवीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं दो भागों में आयोजित हो रही है। यह पेपर आफलाइन हुए। परीक्षाओं का पैटर्न बदला हुआ है। इस बार उत्तर पुस्तिका और प्रश्न पत्र आनलाइन जारी किए गए। जिन्हें आनलाइन डाउनलोड कर स्टूडेंट्स को दिया गया। कई जगह पर इंटरनेट धीमा चलने और प्रिटर काम न करने के कारण प्रश्न पत्र को डाउनलोड करने में खासी परेशानी हुई। हालांकि पेपर निर्धारित समय में शुरू कर दिया गया।

पहले टर्म की परीक्षा में स्टूडेंट्स से पचास प्रतिशत सिलेबस के प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल में होगी। वीरवार को जिले के सभी परीक्षा केंद्रों में विद्यार्थियों ने दसवीं व 12वीं की परीक्षा दी। मल्टीपल च्वाइस बेस्ड प्रश्न आने से विद्यार्थियों में खुशी दिखी लेकिन साइंस विषय की परीक्षा को विद्यार्थियों ने थोड़ी मुश्किल बताया। यह है प्रशन पत्र डाउन लोड करने की प्रक्रिया

सीबीएसई की साइट से प्रश्न पत्र डाउनलोड हुआ। उसके बाद प्रिसिपल के मोबाइल पर कोड आया। प्रश्न पत्र में कोड लगे हैं। स्कूल अधिकृत मेल पर पासवर्ड रिसीव। प्रश्न पत्र का समय निर्धारित है। उस समय खुलता है। वेबसाइट पर प्रश्न पत्र 9.45 बजे अपलोड होता है। इसकी की 10 बजे मिलती है। उसके बाद विद्यार्थियों के लिए प्रश्न पत्र प्रिट करने की जिम्मेदारी स्कूल संचालक व स्टाफ की रहती है। नकल रोकने के लिए दूसरे स्कूलों के अध्यापक तैनात

प्रत्येक परीक्षा केंद्र में नकल रोकने के लिए दूसरे स्कूलों के अध्यापकों को परीक्षा केंद्र में सीबीएसई की ओर से तैनात किया गया है। उनकी देखरेख में ही प्रश्न पत्र वितरित किया जाता है और पेपर चेक किया जाता है। उसके बाद आनलाइन बच्चों के मा‌र्क्स चढ़ाए जाते हैं। शाम पांच बजे के बाद सारा काम करवाने के बाद पर्यवेक्षक अपनी ड्यूटी से फारिग रहता है। 100 से अधिक बच्चे वालों का सेल्फ सेंटर बनाया गया है। 100 से कम वाले बच्चों के स्कूल वालों के दूसरे स्कूल में सेंटर बनाया गया है। सीबीएसई का उचित प्रयोग : डा. धर्मवीर सिंह

श्री गुरु हरिकृष्ण सीसे स्कूल जीटी रोड के प्रिसिपल डा. धर्मवीर सिंह ने बताया कि मल्टीपल च्वाइस बेस्ड प्रश्न पत्र का सीबीएसई ने पहली बार बच्चों पर प्रयोग किया है। महामारी को देखते हुए यह एक उचित कदम है। बच्चों की बौद्धिक क्षमता भी परखने का एक उचित साधन है। बिना परीक्षाओं के बच्चे पास करने की बजाय ऐसा प्रयोग अपनाना एक शानदार प्रयास है।

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