धीरज कुमार झा, अमृतसर

हिन्दी फिल्म शूटआउट एट वडाला बाक्स आफिस के बजाय विवादों के कारण सुर्खियां बटोरने में कामयाब रही। फिल्म के संवाद को लेकर पिछले एक पखवाड़े से चल रहा विवाद अब फिल्म के डायरेक्टर और प्राड्यूसर से लेकर सेंसर बोर्ड के अधिकारियों के लिए मुसीबत का कारण बनने वाला है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजकुमार वेरका ने फिल्म के प्राडयूसर और डायरेक्टर संजय गुप्ता के अलावा फिल्म का सर्टिफिकेट पास करने वाली सेंसर बोर्ड की टीम के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

फिल्म के विवादित संवाद के मसले पर तलब करने पर दिल्ली में बुधवार को मिनिस्ट्री ऑफ इनफार्मेशन एंड ब्राडकास्टिंग की डायरेक्टर निरुपमा तथा सेंसर बोर्ड की सीईओ पंकजा ठाकुर अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजकुमार के समक्ष पेश हुई। बता दें कि डा. वेरका ने अखिल भारतीय वाल्मीकि महापंचायत की शिकायत पर इन अधिकारियों को आयोग में पेश होने के आदेश जारी किए थे। डा. राजकुमार ने उक्त अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि फिल्मों में दलित विरोधी और जातिसूचक भाषा को आयोग द्वारा कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजकुमार ने कहा कि फिल्म के शुरू में ही जब वाल्मीकि समुदाय ने आपत्ति जता दी थी तो फिल्म के निर्माता और निर्देशक को तुरंत आपत्तिजनक संवाद फिल्म से निकाल देना चहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। देशभर में इसे रिलीज किया गया। गुडगांव में फिल्म धड़ल्ले से चल रही है। राजकुमार ने दिल्ली और गुडगांव के पुलिस कमिश्नर को आदेश जारी किया है कि फिल्म के डायरेक्टर व प्रोड्यूसर संजय गुप्ता के अलावा फिल्म को पास करने वाले सेंसर बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ एक दिन के अंदर केस दर्ज कर इसकी जानकारी आयोग को दी जाए।

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