मोहाली (चंडीगढ़) : यहां जिला अदालत ने किसानों का मुआवजा देने के लिए मोहाली के रेलवे स्टेशन को कुर्क करने का आदेश दिया है। रेलवे स्टेशन की जमीन को कुर्क करने का ऐसा आदेश दूसरी बार जारी किया गया है। यह मामला कंबाला गांव के किसानों की जमीन के मुआवजा का है।

इससे पहले घडूआ के किसानों की ओर से कुछ साल पहले जमीन का मुआवजा लेने के लिए केस डाला गया था। इस मामले में कुर्की का आर्डर होने के बाद रेलवे की ओर से किसानों को पैसे दे दिए गए थे। अदालत के फैसले के मुताबिक कुर्की में रेलवे के तीन ट्रैक, बुकिंग आफिस व रिस्पेशन, रेलवे ब्रिज, एक पावर हाउस, वाटर स्टोरेज टैंक, अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग, स्टेशन सुपरिंटेंडेंट, असिस्टेंट स्टेशन व दर्जा चार रिहायशी क्वार्टर शामिल हैं।

अदालत ने तीन महीने में रेलवे को भुगतान करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश अतिरिक्त सेशन जज तरसेम मंगला की अदालत ने सुनाया। मामले के अनुसार, रेलवे ने सितंबर 2005 में रेलवे स्टेशन के लिए जमीन के अध्ािग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी। 20 मार्च 2007 में रेलवे ने इसके लिए मुआवजा राशि का अवार्ड सुनाया था।

इस दौरान प्रति एकड़ जमीन के बदले किसानों को पचास लाख रुपये मुआवजा दिया गया। गांव कंबाला के बाबू सिंह, सरबजीत सिंह, सुरमुख सिंह, हरफूल सिंह, अजायब सिंह व सहित कई लाेगो ने मुआवजा लेने से मना दिया। किसानों का आरोप था कि रेलवे उनकी जमीन को सस्ते दामों पर खरीदा जा रहा है।

इन किसानों का कहना था कि उनकी जमीन का बाजार मूल्य करोड़ों में है। इसके बाद किसानों ने मुआवजा बढ़ाने के लिए 2007 में अदालत में केस दायर कर दिया। अदालत ने सुनवाई के बाद 24 अगस्त 2013 को जमीन का मुआवजा बढ़ाकर एक करोड़ 31 लाख 22 हजार 535 रुपये प्रति एकड़ बढ़ाने के आदेश दिए थे।

अदालत के इस फैसले के बाद कुछ लोगों को रेलवे ने बढ़ी हुई राशि का भुगतान कर दिया, लेकिन केस दायर करने वालों को आधे पैसे भी नहीं दिए। इन लोगों ने फिर से अदालत में रेलवे के खिलाफ अर्जी दायर की। इसके बाद शनिवार को अदालत ने कुर्की का आदेश जारी किया।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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