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एमवे के लिए भारत दुनिया के सबसे अहम रणनीतिक बाजारों में से एक: ग्लोबल सीईओ

Published: Mon, 26 Oct 2026 03:31 PM (IST)

एमवे के प्रेसिडेंट और सीईओ माइकल नेल्सन ने भारत को कंपनी की वैश्विक ग्रोथ रणनीति का अहम बाजार बताया। उन्होंने ...और पढ़ें

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HighLights

  1. भारत एमवे की वैश्विक ग्रोथ रणनीति का अहम हिस्सा।

  2. वेलनेस अर्थव्यवस्था और उद्यमिता के अवसर महत्वपूर्ण।

  3. न्यूट्रीलाइट आयुर्वेद से पारंपरिक ज्ञान का आधुनिकीकरण।

नई दिल्ली। भारत में करीब तीन दशक से कारोबार कर रही एमवे इस देश को अपनी लंबी अवधि की ग्रोथ रणनीति का अहम बाजार मानती है। सेहत और तंदुरुस्ती को लेकर लोगों की बदलती प्राथमिकताएं और उद्यमिता के बढ़ते मौके इस सोच को और बल देते हैं। हाल के भारत दौरे पर एमवे के प्रेसिडेंट और सीईओ माइकल नेल्सन ने बताया कि कंपनी की वैश्विक योजनाओं में भारत कहां खड़ा है और वेलनेस इनोवेशन की दिशा तय करने में यह देश क्या भूमिका निभा सकता है। 

एमवे के लिए भारत रणनीतिक प्राथमिकता क्यों है और यहां ग्रोथ के सबसे बड़े मौके आपको कहां दिखते हैं?

भारत में हमें दुनिया की सबसे दमदार ग्रोथ कहानियों में से एक दिखती है। यहां वेलनेस से जुड़ी अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है और उद्यमियों की ऐसी पीढ़ी उभर रही है, जो आने वाले कल को आकार दे रही है। मजबूत आर्थिक रफ्तार, लोगों की बढ़ती आकांक्षाओं और दुनिया में बढ़ते असर की वजह से भारत आज वैश्विक स्तर पर एमवे के सबसे अहम रणनीतिक बाजारों में शामिल है।

 सेहत और तंदुरुस्ती के क्षेत्र में आ रहा बदलाव मेरे लिए सबसे उत्साह की बात है। लोग अब बीमार पड़ने से पहले ही सेहत का ध्यान रखने के बारे में ज्यादा सोचने लगे हैं। वे लंबी उम्र के साथ-साथ यह भी चाहते हैं कि उम्र के ज्यादा से ज्यादा साल सेहतमंद रहकर बीतें। 

दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में है। यह नई पीढ़ी करियर बनाने और अपने लक्ष्य पाने के मामले में ज्यादा लचीलापन, आजादी और अपने फैसले खुद लेने की छूट चाहती है। एमवे भी लोगों को यही मौका देती है कि वे भरोसेमंद प्रोडक्ट्स के सहारे और अपने पसंदीदा समुदायों के साथ मिलकर अपना कारोबार खड़ा करें। इसलिए युवाओं की यह सोच हमारे काम से स्वाभाविक रूप से मेल खाती है।

देश विकसित भारत के विजन की ओर बढ़ रहा है। इस सफर में हम सेहत, तंदुरुस्ती और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला एक भरोसेमंद साथी बनना चाहते हैं।

एक बाजार के रूप में ग्रोथ की संभावनाओं के अलावा भारत एमवे की बड़ी वैश्विक योजनाओं में किस तरह योगदान दे रहा है?

भारत केवल एक बाजार नहीं है जहां एमवे कारोबार करती है; भारत के विकास के साथ एमवे भी विकसित हो रही है।वैश्विक नजरिए से हमें लगता है कि एमवे के विकास के अगले दौर की दिशा भारत तय कर रहा है। यहां की अच्छी रफ्तार भरोसा जगाती है, पर मेरे भरोसे की बड़ी वजह वे मजबूत बुनियादी बातें हैं, जिन पर यह बाजार खड़ा है। विकास के इस अगले दौर को आगे बढ़ाने के लिए हमने तीन प्राथमिकताएं तय की हैं: अपने मूल्यों और संस्कृति को और मजबूत करना, ग्राहकों की बदलती जरूरतों के मुताबिक प्रोडक्ट इनोवेशन में तेजी लाना और शिक्षा व ट्रेनिंग के जरिए डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ साझेदारी को और गहरा करना।

भारतीय उपभोक्ता सेहत को लेकर लगातार ज्यादा सजग हो रहे हैं। वे भरोसेमंद ब्रांड और विज्ञान पर आधारित प्रोडक्ट चाहते हैं। वे यह भी जानना चाहते हैं कि प्रोडक्ट में इस्तेमाल हुई सामग्री कहां से आई है। साथ ही वे ऐसे समाधान ढूंढते हैं, जिनसे अपनी सेहत की बागडोर वे खुद संभाल सकें। इससे ऊंची क्‍वॉलिटी के इनोवेटिव प्रोडक्ट देते रहने का हमारा इरादा और पक्का होता है। न्यूट्रीलाइट के प्रमुख प्रोडक्ट्स को राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन न्यूट्रिशनल सप्लीमेंटेशन टेस्टिंग फॉर स्पोर्ट्सपर्सन्स (सीओई-एनएसटीएस) से मिला भरोसेमंद सर्टिफिकेशन इसी इरादे का प्रमाण है।

हाल ही में लॉन्च हुआ न्यूट्रीलाइट आयुर्वेद पोर्टफोलियो दिखाता है कि भारत की वेलनेस परंपराओं को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर हम ऐसे प्रोडक्ट बना सकते हैं, जो यहां के लोगों के दिल को छुएं। इनसे दूसरे बाजारों के लिए भी नई समझ और नए मौके निकलते हैं।

हम भारत के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ेंगे। लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद करने के अपने विजन पर टिके रहकर हम उन्हें सार्थक कारोबार खड़ा करने के काबिल बनाएंगे और मिलकर एक मजबूत भविष्य गढ़ेंगे।

बीमारी से पहले सेहत संभालने पर बढ़ता ध्यान भारत में एमवे के प्रोडक्ट इनोवेशन को किस तरह प्रभावित कर रहा है?

लोग अब अपनी सेहत को लेकर पहले से सजग होकर कदम उठा रहे हैं। इसी वजह से भरोसेमंद और विज्ञान पर आधारित पोषण और वेलनेस समाधानों की मांग बढ़ रही है। न्यूट्रीलाइट की बुनियाद 90 साल से भी पहले इसी सोच पर रखी गई थी। सप्लीमेंट में पौधों पर आधारित तरीका अपनाने की शुरुआत इसने तब की थी, जब दुनिया में वेलनेस का यह चलन आम नहीं हुआ था। भारत में हम इसे एक कदम आगे ले जाना चाहते हैं। पोषण विज्ञान में न्यूट्रीलाइट की विशेषज्ञता हम यहां के उपभोक्ताओं तक पहुंचाना चाहते हैं और आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाण को आयुर्वेद की भारत की समृद्ध ज्ञान-परंपरा से जोड़ना चाहते हैं।

न्यूट्रीलाइट आयुर्वेद के रूप में हमारा विस्तार इसी सोच का नतीजा है। इसमें समय की कसौटी पर खरे उतरे आयुर्वेद के सिद्धांतों के साथ वनस्पति विज्ञान में न्यूट्रीलाइट का दशकों का अनुभव और क्वालिटी के कड़े मानक एक साथ आते हैं।

न्यूट्रीलाइट की वनस्पति विज्ञान की विशेषज्ञता को भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन क्षमताओं से जोड़कर हम ऐसे वेलनेस समाधान बना रहे हैं, जिनकी जड़ें भारतीय परंपरा में हैं और जिन्हें विज्ञान का सहारा है। 

भारत में आयुर्वेद की अहमियत क्यों बढ़ रही है और यह वेलनेस को लेकर न्यूट्रीलाइट की सोच से कैसे मेल खाता है?

भारत में आयुर्वेद इस समय एक अहम मोड़ पर है। 2025 में इसका बाजार 356 करोड़ डॉलर का था और 2023 से 2028 के बीच इसके करीब 22% की सालाना चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ने का अनुमान है।

यह बढ़त देश में हो रहे बड़े बदलावों के बीच आ रही है। सरकार आयुष इकोसिस्टम को लगातार मजबूत कर रही है, रिसर्च और क्वालिटी के मानकों को बढ़ावा दे रही है और भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों को दुनिया भर में पहचान दिलाने में जुटी है। इन सबसे साफ है कि आयुर्वेद की अहमियत और संभावनाएं दोनों बढ़ रही हैं।

उपभोक्ता भी अब ऐसे प्रोडक्ट चाहते हैं, जिनमें आयुर्वेद का ज्ञान हो और साथ में वह पारदर्शिता, हर बार एक जैसी क्वालिटी और वैज्ञानिक प्रमाण भी, जिसकी उम्मीद वे आज के वेलनेस प्रोडक्ट्स से करते हैं।

न्यूट्रीलाइट नौ दशकों से ज्यादा समय से एक सीधे से सिद्धांत पर चलता आया है, प्रकृति और विज्ञान, दोनों की सबसे अच्छी चीजों को एक साथ लाना। आयुर्वेद में भी यही तरीका अपनाना हमारे लिए स्वाभाविक कदम है। हम आयुर्वेद के ज्ञान का पूरा सम्मान करते हुए उसमें विज्ञान, क्वालिटी और भरोसे के वे मानक लाना चाहते हैं, जिनकी आज के उपभोक्ता अपेक्षा रखते हैं। 

आयुर्वेद के प्रतिस्पर्धी बाजार में न्यूट्रीलाइट आयुर्वेद खुद को कैसे अलग बनाता है?

न्यूट्रीलाइट आयुर्वेद की असली पहचान हमारी विरासत और प्रामाणिकता, वैज्ञानिक प्रमाण और क्वालिटी के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता से बनती है। हमारा काम स्रोत से ही शुरू हो जाता है। हमारी जड़ी-बूटियां न्यूट्रीसर्ट से प्रमाणित साझेदार फार्मों से जिम्मेदारी के साथ ली जाती हैं, जहां जैविक तरीके से खेती होती है। इसके बाद डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एक्टिव इंग्रीडिएंट टेस्टिंग और बीज से सप्लीमेंट तक की पूरी ट्रेसेबिलिटी जैसे आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से इनकी जांच होती है। क्वालिटी और ट्रेसेबिलिटी हमारे काम के केंद्र में हैं। हर कदम पर हम अपने लिए ऐसे मानक रखते हैं, जिनसे कोई समझौता नहीं होता, ताकि स्रोत से तैयार प्रोडक्ट तक प्रामाणिकता, एक जैसी क्वालिटी और पारदर्शिता बनी रहे। यही बात न्यूट्रीलाइट आयुर्वेद को अलग बनाती है। हम न्यूट्रीलाइट के 90 साल से ज्यादा के भरोसे, विज्ञान और वनस्पति विशेषज्ञता को भारत की सदियों से चली आ रही कायम वेलनेस परंपराओं में से एक के साथ जोड़ रहे हैं।

न्यूट्रीलाइट आयुर्वेद के लिए आप कितना बड़ा मौका देखते हैं?

बीमारी से पहले सेहत संभालने में लोगों की बढ़ती दिलचस्पी और आयुर्वेदिक ज्ञान की भारत की अनोखी विरासत को देखते हुए न्यूट्रीलाइट आयुर्वेद में हमें लंबी अवधि की बड़ी संभावना दिखती है।

यह मौका इसलिए भी खास है, क्योंकि हम वनस्पति विज्ञान, रिसर्च और क्वालिटी में न्यूट्रीलाइट की विशेषज्ञता को आयुर्वेद की गहराई और विश्वसनीयता के साथ जोड़ पा रहे हैं।

पिछले दो महीनों में हमने छह प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं और तीन और इनोवेशन पाइपलाइन में हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स और उपभोक्ताओं, दोनों से मिली शुरुआती प्रतिक्रिया से हमारा हौसला बढ़ा है और इस कैटेगरी पर हमारा भरोसा और मजबूत हुआ है।

Note:- यह आर्टिकल ब्रांड डेस्क द्वारा लिखा गया है।