लखनऊ, जेएनएन। तमाम उद्योगों के जरिये उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने का प्रयास कर रही योगी सरकार फिल्म उद्योग को भी बढ़ावा देना चाहती है। राज्य विकास परिषद, उप्र फिल्म बंधु को इसके लिए सक्रिय किया गया है। निर्माताओं को उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए आकर्षित करने के लिए ही सरकार ने अनुदान के लिए खजाना खोल दिया है।

पिछले महीने राज्य विकास परिषद की बैठक में 22 फिल्मों का अनुदान मंजूर किया गया था। इसमें 17 हिंदी और पांच भोजपुरी फिल्में हैं, जो यूपी के ही शहरों में बनाई गईं। मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय से ट्वीट कर जानकारी दी गई कि इन फिल्मों को अनुदान राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

इन फिल्मों को मिला अनुदान

  • शादी में जरूर आना, निर्माता विनोद बच्चन
  • सोनू के टीटू की स्वीटी, निर्माता लव रंजन
  • बहन होगी तेरी, निर्माता नितिन उपाध्याय
  • सैंया सुपरस्टार, निर्माता प्रेमशंकर गोरखराय
  • मिर्जा जूलिएट, निर्माता अमित सिंह
  • काशी इन सर्च ऑफ गंगा, निर्माता धीरज कुमार
  • मौसम इकरार के दो पल प्यार के, निर्माता मंजू मुकेश भारती
  • लुप्त, निर्माता हनवंत खत्री
  • मिस्टर कबाड़ी, निर्माता अनूप जलोटा
  • सल्लू की शादी, निर्माता मुहम्मद इसरार अंसारी
  • बरात कंपनी, निर्माता रणवीर कुमार बादशाह
  • महिमा लेहड़ा देवी की, निर्माता सुरेश कुमार गौड़
  • नाइन ओ क्लॉक, निर्माता गौरव शंकर
  • अगम, निर्माता दीपक कुमार
  • अनारकली ऑफ आराह, निर्माता संदीप कपूर
  • धप्पा, निर्माता सिद्धार्थ नागर
  • मुक्ति भवन, निर्माता संजय भूटियानी

भोजपुरी फिल्में

  • दबंग सरकार, निर्माता दीपक कुमार
  • सिपाही, निर्माता शिव नारायन, बी. सिंह
  • मुकद्दर, निर्माता वसीम साबिर
  • डमरू, निर्माता प्रदीप कुमार शर्मा
  • शिव रक्षक, निर्माता रमाशंकर प्रजापति

Posted By: Umesh Tiwari

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