जागरण संवाददाता, नदिया। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के कृष्णानगर के तृणमूल विधायक सत्यजीत विश्वास की हत्या की घटना में वरिष्ठ भाजपा नेता मुकुल राय समेत चार लोगों के खिलाफ रविवार सुबह जिले के हासखाली थाने में एफआइआर कराई गई है। बाकी तीन लोगों के नाम कार्तिक मंडल, सुजीत मंडल तथा अभिजीत पुडारी है। हालांकि पुलिस ने रविवार रात में कार्तिक व सुजीत गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अभिजीत पुडारी फरार बताया गया है।

इधर, इस घटना में नाम से घसीटे जाने को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता मुकुल रॉय ने सीबीआई जांच की मांग कर दी है। सुबह घटनास्थल पर तृणमूल नेता पार्थ चटर्जी समेत अन्य नेता पहुंचे तथा घटना की कड़ी निंदा की। वहीं, दूसरी ओर इस घटना के खिलाफ आज जगह-जगह तृणमूल कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया।

शनिवार रात हंसखाली थाना इलाके के मजीदपूर में स्थित अपने आवास से दो से 3 मिनट की दूरी पर फुलबाड़ी मैदान में आयोजित सरस्वती पूजा का उद्घाटन करने के लिए सत्यजीत विश्वास पहुंचे थे जहां पीछे से प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर तृणमूल के नदिया जिलाध्यक्ष गौरीशंकर दत्त ने सीधे तौर पर मुकुल रॉय का नाम लिया है और दावा किया है कि उन्हीं के इशारे पर सत्यजीत की हत्या हुई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रविवार को मुकुल रॉय ने कहा कि यह हत्या किसी और ने नहीं बल्कि गौरी शंकर दत्त के समर्थकों ने हीं की होगी क्योंकि उस क्षेत्र में तृणमूल की आपसी गुटबाजी सबसे अधिक है।

अपना नाम घसीटे जाने को लेकर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि मैं कोलकाता में बैठा हूं और हत्या नदिया जिले में विधायक के घर के पास हुई है। यह पूरी तरह से तृणमूल की आपसी गुटबाजी और पश्चिम बंगाल सरकार की विफलता है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच सीआईडी अथवा पुलिस के बजाय सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए ताकि पूरे रहस्य पर से पर्दा उठ सके। मुकुल ने कहा कि अभी ऐसी स्थिति है कि जो कुछ भी होगा उसके लिए मेरे नाम को घसीट रहे हैं। अगर दम है तो इसकी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करा कर दिखा लें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी घटना की सीबीआई जांच की मांग कर दी है। 

Posted By: Sachin Mishra

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