कोलकाता, जागरण संवाददाता। बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने फिर एक विवादित बयान दिया है। इस बार उन्होंने बंगाल को देशद्रोहियों का सबसे बड़ा गढ़ बताया है। घोष ने मंगलवार खड़गपुर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में आयोजित सभा में यह बयानबाजी की। सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को गोली मारने के बयान के एक दिन बाद ही उन्होंने फिर एक विवादित बयान दिया। इसके पहले उन्होंने नदिया जिले के रानाघाट में सभा के दौरान सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के बारे में कहा था कि 'यूपी, असम, कर्नाटक में हमारी सरकार ने इन लोगों को कुत्तों की तरह गोली मारी है।'

उन्होंने कहा था 'दीदी (ममता बनर्जी) की पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नष्ट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की क्योंकि वे उनके वोटर हैं, लेकिन यूपी, असम और कर्नाटक में हमारी सरकार ने इन लोगों को कुत्तों की तरह गोली मारी है।'

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के इस बयान पर राज्य की राजनीति में बहस छिड़ी हुई है। भाजपा के कुछ नेता भी इस तरह के बयान को उचित नहीं ठहराते। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं आसनसोल से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के इस बयान को अनुचित बताया है। दिलीप घोष ने पिछले बयान पर कायम रहते हुए फिर कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आंदोलन के कारण पांच-छह सौ करोड़ सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है।

इस तरह से इस कानून का विरोध करने वालों को उत्तर प्रदेश, कर्नाटक व असम में गोली मारी गई है। ऐसे लोगों को जेल भेजा गया है, लेकिन बंगाल में किसी को गिरफ्तार तक नहीं किया गया। घोष ने कहा कि भाजपा की सरकार आने के बाद ऐसे लोगों को लाठियां बरसाई जाएंगी, गोली मारी जाएगी एवं उन्हें जेल भेजा जाएगा।

रविवार को घोष के बयान को बयान को निंदनीय करार देते हुए मुख्यमंत्री ने भी जमकर प्रहार किया था, वहीं वीरभूम के तृणमूल जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने केंद्र सरकार से दिलीप घोष को गोली मारने की बात कही। केवल विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि उनके विवादित बयान से किनारा करते हुए केंद्रीय मंत्री व आसनसोल के सांसद बाबुल सुप्रियो ने कहा कि यह उनकी निजी राय हो सकती है और इनके विचार से पार्टी का कोई लेनादेना नहीं है।

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