कालिम्पोंग, जागरण संवाददाता। संसद के शीतकालीन सत्र में गोरखालैंड के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को इसके स्थायी समाधान के लिए कोई बिल पेश संसद में पेश करना चाहिए। कारण पार्टी और उनके सांसद इस मामले में पहले से वादा करते रहे हैं। चाहे इसे संघशाषित राज्य बना दें या फिर अलग से राज्य बना दें, दोनों ही बातों के लिए गोरखा तैयार हैं। यह बातें गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (विनय गुट) के अध्यक्ष विनय तामांग ने कही है।

कालिम्पोंग होम्स स्थित सार्वजनिक भवन में पार्टी की केंद्रीय समिति की वैठक के बाद तामांग ने कहा कि कालिम्पोंग नगरपालिका अध्यक्ष रवि प्रधान, भुवन खनाल, संजय थुलुंग को केंदी्रय समिति के सदस्य के रूप में चयनित करने की जानकारी दी।

तामांग ने कहा कि जनता के पक्ष से केंद्र की सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, स्थानीय सांसद राजू विष्ट, गोरामुमो अध्यक्ष मन घिसिंग, गोजमुमो (विमल गुट) के कार्यकारी अध्यक्ष लोप्सांग लामा को भी 18 नवंबर के दिन पत्रचार कर भाजपा से कहना होगा कि इसका समाधान क्या है वो स्पष्ट करें।

इसके साथ ही जनजाति के मान्यता एवं गोरखा को एनआरसी लागू होने के दौरान भारत की सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी उन्होंने की। देखना है कि इस सत्र में संसद में भाजपा क्या कदम उठाती है। उसके बाद ही हमलोग अगली रणनीति तय करेंगे। सभा में मोर्चा सचिव अनित थापा , दार्जीलिंग , कर्सियांग एवं मिरिक आदि स्थानों से मोर्चा केंद्रीय समिति के सदस्य मौजूद रहे।

टिकट जारी कर भारतीय डाक ने किया कवि जय गोस्वामी का सम्मान

बांग्ला के जाने माने कवि जय गोस्वामी के सम्मान में भारतीय डाक विभाग की ओर से विशेष टिकट जारी किया गया। वहीं डाक विभाग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे कवि जय गोस्वामी को जारी टिकट की एक प्रति सौंप उन्हें सम्मानित किया।

इस सम्मान को पाने के बाद मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए कवि ने कहा कि इस सम्मान को पाकर वे बहुत खुश हैं। साथ ही डाक विभाग की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मान से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ साहित्य प्रगति व विकास को प्रोत्साहन मिलता है। हालांकि इससे पहले बांग्ला के विख्यात साहित्यकार शीर्षेदु मुखोपाध्याय को उक्त सम्मान से सम्मानित किया गया गया था।

बता दें कि कवि जय गोस्वामी बांग्ला के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक कविता संग्रह 'पागली तोमार संगे' के लिए उन्हें साल 2000 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जय गोस्वामी की कविता 'मां और बेटी' उसके प्रकाशित वर्ष की सर्वोत्तम बाग्ला कविताओं में से एक थी। 

Posted By: Preeti jha

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