जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। Vasundhara Raje. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता वसुंधरा राजे जनवरी से पूरे प्रदेश का दौरा करेंगी। विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद से वसुंधरा राजे थोड़ी कम सक्रिय थीं। पिछले माह संपन्न हुए दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव में भी वे प्रचार अभियान से दूर रहीं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर हुए निर्णय में भी उन्होंने अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने वसुंधरा राजे की सहमति से सतीश पूनिया को अध्यक्ष बनाया। वसुंधरा राजे ने पार्टी के कार्यक्रमों से भी लगभग दूरी बनाए रखी। लेकिन अब उन्होंने अपने समर्थकों को एकजुट करना शुरू कर दिया है।

जिलावार समर्थक पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सूची बनाकर वसुंधरा राजे के विश्वस्त उनके संपर्क साध रहे हैं। अब पंचायत चुनाव से पहले वे प्रदेश का दौरा करने की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए उन्होंने जिलों में अपने समर्थक विधायकों और नेताओं को संदेश पहुंचाया है। पिछले दिनों जयपुर में वसुंधरा राजे से भाजपा के दो दर्जन विधायकों एवं पांच सांसदों ने मुलाकात की थी। वसुंधरा राजे भारती भवन जाकर आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक दुर्गादास सहित अन्य पदाधिकारियों से भी मिली थी। वसुंधरा राजे की सक्रियता से प्रदेश भाजपा में हलचल बढ़ सकती हैं।

उदयपुर और कोटा संभाग पर रहेगा विशेष फोकस

जानकारी के अनुसार, वसुंधरा राजे पहले उदयपुर के आदिवासी क्षेत्र का दौरा करेंगी और फिर उसके बाद कोटा संभाग में जाएंगी। कभी कांग्रेस का गढ़ रहे आदिवासी बहुल उदयपुर संभाग में वसुंधरा राजे के नेतृत्व संभालने के बाद से भाजपा की जड़ें जमने लगी है। उदयपुर संभाग में वसुंधरा राजे की स्वीकार्यता भी अन्य इलाकों के मुकाबले अधिक है। मुख्यमंत्री रहते हुए आदिवासियों के धार्मिक स्थल बेणेश्वर धाम में कराए गए विकास कार्यों के कारण वसुंधरा राजे का उदयपुर संभाग में काफी प्रभाव माना जाता है।

उदयपुर के बाद कोटा संभाग में उनकी अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है। कोटा संभाग में वसुंधरा राजे के अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी भाजपा के दमदार नेता माने जाते हैं। कोटा संभाग का झालावाड़-बारां पिछले तीन दशक से वसुंधरा राजे का राजनीतिक कार्यक्षेत्र रहा है। पहले वे झालावाड़-बारां से सांसद रहीं और अब उनके बेटे दुष्यंत सिंह सांसद है। इसी क्षेत्र की झालारापाटन सीट से वे विधायक हैं। उदयपुर और कोटा संभाग के बाद वे प्रदेश के अन्य इलाकों में जाएंगी। 

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Posted By: Sachin Mishra

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