जयपुर, जागरण संवाददाता। विधायक एवं पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर की गई अनर्गल टिप्पणियों के लिए उनकी कड़ी निन्दा करते हुए कहा है कि लोकसभा चुनाव में अपने बेटे सहित सभी 25 सीटों पर कांग्रेस को मिली हार की बौखलाहट एवं अपने 1 वर्ष के शासन में बेपटरी हए प्रदेश के विकास के साथ ही कांग्रेस संगठन में चरम पर चल रही खींचतान से आमजन का ध्यान भटकाने के लिए गहलोत संघ पर अनर्गल टिप्पणियां करते रहते है।

देवनानी ने कहा कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए संघ पर इस प्रकार की टिप्पणी करने से पहले मुख्यमंत्री गहलोत को खुद के गिरेबान में झांकने की आवश्यकता है।

देवनानी ने कहा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ विश्व में सबसे बड़ा सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन है जो सन् 1925 से भारत की रीति-नीति, संस्कृति, साहित्य व राष्ट्रीयता की भावना का प्रचार-प्रसार करने के दायित्व को निभाता आया है।

संघ का का काम राजनीति नहीं बल्कि संघ का उद्धेश्य समाज के तंत्र को मजबूत करना है ताकि समाज का सर्वांगीण विकास हो सके और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिल सके। व्यक्ति में राष्ट्रीयता की भावना जागृत करने के साथ ही समाज को संस्कारवार व गुणवान बनाते हुए भारत को उन्नति के शिखर पर ले जाने का मकसद है संघ का।

उन्होंने कहा कि देश में कभी भी कोई राष्ट्रीय आपदा आई हो संघ के स्वंयसेवकों ने राहत और बचाव का काम सबसे आगे होकर किया है। 1962 व 65 के युद्ध में सेना की हरसम्भव मदद के साथ ही देश के अन्दर कानून व्यवस्था सम्भालने की जिम्मेदारी भी संघ ने बखूबी निभाई थी। कश्मीर के विलय में भी संघ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभाजन के समय जान बचाकर आए शरणार्थियों को आश्रय उपलब्ध कराने सहित देश में घटित हर छोटी-बड़ी घटना में संघ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत को लोकसभा चुनाव के सदमे के साथ ही राष्ट्रवाद व संघ के फोबिया से बाहर निकलकर प्रदेश के विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता है। 

Posted By: Preeti jha

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