लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए 'ईज ऑफ डुइंग' पर काम कर रही योगी आदित्यनाथ सरकार ने अब 'ईज ऑफ लिविंग' का संकल्प लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों और सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को इस एजेंडे पर रूपरेखा बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही साथ तय किया गया है कि अब महत्वाकांक्षी जिलों की तर्ज पर ही महत्वाकांक्षी विकास खंडों का भी चयन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर सरकार के महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा की। कहा कि एजेंडा बिंदुओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार का विलंब न हो। विभागीय मंत्री प्रगति के संबंध में साप्ताहिक समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन सुविधाजनक बनाने के लिए उनकी समस्याओं का तेजी से समाधान होना चाहिए। ईज ऑफ लिविंग एजेंडे के तहत सभी विभाग कार्य करें। जिन सेवाओं के संबंध में जनता को ज्यादा कठिनाई होती है, उन्हें चिह्नित कर मौके पर जाकर समाधान कराएं। इसके साथ ही योगी ने कहा कि महत्वाकांक्षी जिलों की तरह महत्वाकांक्षी विकासखंडों का भी चयन किया जाना है। प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल संकेतकों के आधार पर चयनित 154 पिछड़े विकासखंडों में महत्वाकांक्षी जिलों की तर्ज पर कार्यक्रम और योजनाएं लागू करें। ग्राम पंचायतों में उपलब्ध धनराशि को इसी वित्तीय वर्ष में खर्च करें। बैठक में विभिन्न विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

हर जिले की अलग जीडीपी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईज ऑफ डुइंग पर जोर देने के साथ ही कहा कि प्रदेश की तर्ज पर ही जिला स्तर पर भी जीडीपी की गणना की व्यवस्था बनाएं। जिलों में प्रति व्यक्ति आय बढ़ानी है। इसके लिए नोडल अधिकारी नामित किया जाएं। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में प्रदेश की रैंकिंग में सुधार के प्रयास के साथ ही कहा कि ऑनलाइन एमओयू ट्रैकिंग सिस्टम और ऑनलाइन इन्सेंटिव मैनेजमेंट टूल विकसित करें। यह प्रक्रिया अगले माह पूरी कर लें।

मेडिकल कॉलेज बनेंगे 16 जिला चिकित्सालय

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए 16 जिलों- बागपत, बलिया, भदोही, चित्रकूट, हमीरपुर, हाथरस, कासगंज, महराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मऊ, रामपुर, संभल, संतकबीरनगर, शामली और श्रावस्ती में पीपीपी मॉडल पर जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है। इसके लिए जल्द ही बिडिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यह भी दिए निर्देश

- मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना को लागू करने के लिए विभाग समन्वय कर तैयारी करें।

- आयुष्मान भारत-गोल्डन कार्ड के वितरण में तेजी लाएं। केंद्र व राज्य की स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित सभी सेवाओं को आरोग्य मेलों में उपलब्ध कराएं।

- चिह्नित करें कि एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत निर्यात के लिए और कौन-कौन से उत्पाद शामिल कर सकते हैं।

- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की धनराशि जिन किसानों को नहीं मिली है, उनकी पहली किश्त और अन्य किसानों की अगली किश्त का भुगतान 31 मार्च तक कर दें।

- जीएसटी राजस्व अपवंचन पर अंकुश लगाने के संबंध में जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

- सोनभद्र में ट्राइबल म्यूजियम स्थापित करने का प्रस्ताव शीघ्र ही केंद्र सरकार को भेजा जाए। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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