लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के मुद्दे पर गर्माई बसों की सियासत में बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस कठघरे में खड़ा करते हुए दोनों दलों पर घिनौनी राजनीति करने का आरोप लगाया है। बीएसपी प्रमुख ने कांग्रेस नसीहत दी है कि यदि बसें हैं तो पहले अपनी सरकार वाले राज्यों में मदद करनी चाहिए। उन्होंने शक जताया कि बीजेपी और कांग्रेस आपसी मिलीभगत से बस पॉलिटिक्स कर रही हैं ताकि कोरोना त्रासदी के मुद्दे से ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने कहा कि बीएसपी बिना किसी प्रचार के प्रवासी मजदूरों की मदद में जुटी है।

बीएसपी चीफ मायावती ने बुधवार को सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए कहा कि 'पिछले कई दिनों से प्रवासी श्रमिकों को घर भेजने के नाम पर खासकर बीजेपी और कांग्रेस द्वारा जिस प्रकार से घिनौनी राजनीति की जा रही है, यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है। कहीं ऐसा तो नहीं ये पार्टियां आपसी मिलीभगत से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करके इनकी त्रासदी पर से ध्यान बांट रही हैं?'

मायावती ने आगे कहा कि 'यदि ऐसा नहीं है तो बीएसपी का कहना है कि कांग्रेस को श्रमिक प्रवासियों को बसों से ही घर भेजने में मदद करने पर अड़ने की बजाए, इनका टिकट लेकर ट्रेनों से ही इन्हें इनके घर भेजने में इनकी मदद करनी चाहिए, तो यह ज्यादा उचित और सही होगा।' उन्हों ने कहा कि 'इन्हीं सब बातों को खास ध्यान में रखकर ही बीएसपी के लोगों ने अपने सामर्थ्य के हिसाब से प्रचार व प्रसार के चक्कर में न पड़कर बल्कि पूरे देश में इनकी हर स्तर पर काफी मदद की है। बीजेपी और कांग्रेस पार्टी की तरह इनकी मदद की आड़ में कोई घिनौनी राजनीति नहीं की है।

बीएसपी चीफ मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी की कांग्रेस को यह भी सलाह है कि यदि कांग्रेस को श्रमिक प्रवासियों को बसों से ही उनके घर वापसी में मदद करनी है, यानी ट्रेन से नहीं भेजना है तो फिर इनको अपनी ये सभी बसें कांग्रेस शासित राज्यों में श्रमिकों की मदद में लगा देनी चाहिए। यह ज्यादा बेहतर होगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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