लखनऊ, जेएनएन। महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा के आम चुनाव और उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में बसपा को मिली करारी हार के बाद संगठन में खलबली मच गई है। नतीजों के पीछे सत्ताधारी भाजपा का षड्यंत्र देख रहीं मायावती ने अपने खेमे में भी निगाह टेढ़ी कर ली है। महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष को निष्कासित करने के साथ ही उन्होंने संदेश दे दिया है कि संगठन में बड़े पैमाने पर फेरबदल हो सकता है।

उत्तर प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में बसपा को कोई सीट न मिलने पर बसपा अध्यक्ष मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने का षडयंत्र बताया है। नतीजे आने के बाद उन्होंने ट्वीट किया, 'यूपी विधानसभा आम चुनाव से पहले बीएसपी के लोगों का मनोबल गिराने के षड्यंत्र के तहत बीजेपी द्वारा इस उपचुनाव में सपा की कुछ सीटें जिताने व बीएसपी को एक भी सीट नहीं जीतने देने को पार्टी के लोग अच्छी तरह से समझ रहे हैं। वे उनके इस षड्यंत्र को फेल करने के लिए पूरे जी-जान से जरूर जुटेंगे।'

एक और ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि 'हरियाणा की जनता भी बीजेपी सरकार के कुशासन से काफी दुखी व त्रस्त थी और इनसे मुक्ति चाहती थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अपने स्वार्थ के लिए जनता में वोटों के बंटने के भय को खूब प्रचारित किया। इससे बीएसपी के समर्पित वोटर तो कतई नहीं डिगे परंतु अन्य वोटर जरूर भ्रमित हो गए। परिणाम यह हुआ कि बीएसपी इस बार हरियाणा विधानसभा चुनाव में एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी। हालांकि बसपा को पिछली बार से ज्यादा वोट मिले हैं।'

वहीं, दूसरी ओर बसपा प्रमुख ने महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुरेश साखरे को पार्टी विरोधी गतिविधियों का जिम्मेदार मानते हुए निष्कासित कर दिया है। संभावना जताई जा रही है कि उप्र और हरियाणा के संगठन में भी जल्द ही बड़े फेरबदल हो सकते हैं।

Posted By: Umesh Tiwari

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