लखनऊ, जेएनएन। UP Assembly By Election 2020: कोविड-19 काल में केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने बिहार के विधानसभा चुनाव के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा की आठ रिक्त सीट पर उप चुनाव कराने का फैसला किया है। बिहार में तीन चरण में चुनाव होंगे। पहले चरण का मतदान 28 अकटूबर को होगा। उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर होने वाले उप चुनाव की तारीख के बारे में 29 की निर्वाचन आयोग की होने वाली एक बैठक में मुहर लगेगी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में तरीखों का एलान किया। बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर मतदान होना है जबकि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीट में से आठ पर उप चुनाव होना है। बिहार में पहले चरण के मतदान 28 अक्टूबर को होंगे। दूसरे चरण के मतदान 3 नवंबर को होंगे। तीसरे चरण के मतदान 7 नवंबर को होंगे और मतगणना 10 नवंबर को होगी। 

उत्तर प्रदेश में उपचुनाव की तारीख पर 29 सितंबर को होने वाली निर्वाचन आयोग की बैठक में मुहर लगेगी। प्रदेश में विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा उप चुनाव के बारे में 29 सितंबर को निर्वाचन आयुक्त उमेश सिन्हा जानकारी देंगे। पहले चरण का मतदान 28 अकटूबर को होगा। उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर होने वाले उप चुनाव की तारीख के बारे में 29 की निर्वाचन आयोग की बैठक के साथ मुहर लगेगी।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण काल में चुनाव कराना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। निर्वाचन आयोग की कई टीमों ने बीते तीन-चार महीने में बिहार के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा उप चुनाव को लेकर काफी तैयारी की है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में हमने राज्यसभा के उप चुनाव भी कराए हैं। इसके बाद आगे बढ़ने का साहस दिखाया है। उन्होंने कहा कि उप चुनाव के लिए राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ ही वहां के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से भी हमने तैयारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर ली है। 

सुनील अरोड़ा ने कहा कि इस बार चुनाव कोविड प्रोटोकॉल के तहत होगा। हर मतदान केंद्र पर फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ ही हैंड व रूम सैनिटाइजर के साथ मास्क को अनिवार्य किया गया है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर सकें। हमारा प्रयास सभी को कड़ी सुरक्षा देने का है। हमारा प्रयास है कि हर बूथ पर सभी को सारी सुविधा मिले। इस बार नये सुरक्षा मानकों के तहत चुनाव कराना काफी चुनौती भरा काम है। 

उत्तर प्रदेश में जिन आठ सीटों पर चुनाव होने हैं उसमें से 5 विधानसभा सीटों पर 2017 में निर्वाचित विधायक कमल रानी वरुण, पारसनाथ यादव, वीरेंद्र सिरोही, जन्मेजय सिंह, चेतन चौहान का निधन हो चुका है। रामपुर के स्वार सीट से गलत दस्तावेज लगाने पर आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां की सदस्यता जा चुकी है। बांगरमऊ विधानसभा सीट से 2017 में चुनाव जीते कुलदीप सिंह सेंगर के सजायाफ्ता होने के कारण उनकी सदस्यता चली गयी। टूण्डला विधानसभा सीट से एसपी सिंह बघेल के सांसद बनने के बाद सीट खाली हुई है। अब यहां भी उपचुनाव होना है। इन आठ सीटों पर भाजपा ने 2017 के चुनाव में छह सीट जीती थीं, जबकि 2 सीट समाजवादी पार्टी के पास थी। 

उत्तर प्रदेश में अमरोहा जिले की नौगावां सादात सीट, बुलंदशहर सीट रामपुर की स्वार सीट, फिरोजाबाद की टूंडला सीट, कानपुर नगर की घाटमपुर सीट, देवरिया जिले की देवरिया सदर सीट, जौनपुर जिले की मल्हनी सीट पर अनिल राजभर तथा उन्नाव जिले बंगरमऊ सीट पर चुनाव होंगे। इनमें से छह सीट भाजपा के पास हैं जबकि दो पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी जीते थे। 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस