लखनऊ [आनन्द राय]। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव के बाद हुए उप चुनाव में हमीरपुर सीट भले जीत ली लेकिन बाकी 11 सीटों के लिए समीकरण साध रही है। इन सीटों पर 21 अक्टूबर को मतदान होना है। 30 सितंबर नामांकन की आखिरी तारीख है और आज भाजपा के 11 नामों की घोषणा होने की उम्मीद। भाजपा संगठन में 11 सीट पर दावेदारों की भारी भीड़ के कारण भी काफी कशमकश है। एक-एक सीट पर आधा दर्जन से अधिक बड़े दावेदार है, छोटों की तो गिनती ही नहीं। टिकट पाने के सभी इच्छुक ने दिल्ली तथा लखनऊ को मथ कर रख दिया है। 

भाजपा की तरफ से संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी रविवार को अपने योद्धाओं का नाम घोषित करेगी। प्रदेश महामंत्री संगठन दिल्ली में हाईकमान से विचार-विमर्श के बाद लखनऊ लौट आए हैं। इसलिए रविवार को प्रत्याशियों की घोषणा होने की पूरी संभावना है। पहले शनिवार रात तक नाम घोषित होने की उम्मीद थी, लेकिन रविवार को नवरात्रि का पहला दिन होने से संभावना काफी तेज है। इसके साथ ही 30 सितंबर को नामांकन की अंतिम तिथि होने के कारण भी आज ही नामों पर मुहर लग जाएगी।जिन 11 विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव होने हैं उनमें 2017 में रामपुर के रामपुर सदर से समाजवादी पार्टी के आजम खां और अम्बेडकरनगर के जलालपुर से बसपा के रीतेश पांडेय चुनाव जीते थे। बाकी आठ सीटें भाजपा और एक अपनादल एस ने जीती थीं। अब भाजपा सभी सीटें अपने हिस्से करना चाहती है। इसी कारण जाति के साथ स्थानीय समीकरण पर भी जोर है। भाजपा प्रदेश महामंत्री विजयबहादुर पाठक बताते हैं कि पार्टी ने नामांकन की तैयारी पूरी कर ली है। 30 को सभी उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल होंगे। हमीरपुर से जीत की शुरुआत हो चुकी है,बाकी पर भी सिलसिला बना रहेगा।

विधानसभा उप चुनाव में 11 में से तीन सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। जिनमें अलीगढ़ के इगलास में पूर्व सांसद राजेश दिवाकर की पत्नी श्वेता दिवाकर, गंगा शरण दिवाकर, राजकुमार सहयोगी और राम सखी कठेरिया दावेदारी पेश कर रहे हैं। बहराइच के बलहा क्षेत्र में सरोज सोनकर, आनन्द गौड़, जगतराम सोनकर तथा बाराबंकी के जैदपुर से अंबरीश रावत, पूर्व सांसद प्रियंका रावत, पूर्व विधायक राजरानी रावत, पूर्व आइएएस राजेंद्र भौनवाल और भगवंत रावत का नाम प्रमुख दावेदारों में है। भाजपा संगठन की ओर से हर क्षेत्र में तीन-तीन नामों का पैनल भेजा गया है। इसके अलावा विपक्ष की रणनीति के हिसाब से दो-तीन प्रमुख दावेदारों पर भी विचार किया गया है।

मऊ जिले की घोसी सीट फागू चौहान के राज्यपाल बनने से रिक्त हुई है। वहां फागू के पुत्र रामविलास के लिए पेशबंदी है जबकि पूर्व प्रत्याशी मनोज राय और विजय राजभर प्रबल दावेदार हैं। अंबेडकरनगर के जलालपुर में पूर्व उम्मीदवार राजेश सिंह, राम प्रकाश यादव, पंकज और डा. रजनीश सिंह का नाम चर्चा में है। प्रतापगढ़ सदर सीट पर अपना दल एस ने जीती थी लेकिन उनके विधायक संगम लाल के भाजपा टिकट पर सांसद बनने से भाजपा दावेदारों की कतार लंबी हो गई है। दावेदारों में पूर्व जिलाध्यक्ष केके सिंह, अनिल प्रताप सिंह, डा. अतुल श्रीवास्तव, प्रदेश मंत्री अमरपाल मौर्य, पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी और पूर्व विधायक बृजेश मिश्र 'सौरभÓ हैं। रामपुर से आजम खां के खिलाफ मोर्चा खोल चुके आकाश सक्सेना, भारत भूषण गुप्ता और योगेश अरोड़ा जबकि सहारनपुर के गंगोह से पद्म सिंह, कीरत सिंह, मृगांका सिंह, नक्षत्र सिंह, मांगेराम व पूर्व विधायक डा. मनोज रेस में चल रहे हैं।

कानपुर के गोविंदनगर में क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, भाजपा प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई, सुरेंद्र मैथानी, अनूप पचौरी, पूर्व विधायक नीरज चतुर्वेदी, निर्मल तिवारी, दिनेश राय, कमलावती सिंह, आनन्द राज्यपाल, जीत प्रताप सिंह और मनोज सिंह के नाम चर्चा में हैं। चित्रकूट के मानिकपुर में प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना उपाध्याय, पूर्व सांसद रमेश चंद्र द्विवेदी व भैरो मिश्र, आनन्द शुक्ल, आनन्द सिंह पटेल, बलवीर पाल, सुनील पटेल, रमेश अवस्थी, दिनेश मिश्र, पुष्पा मिश्र, बद्री विशाल, लवकुश चतुर्वेदी प्रयासरत हैं। लखनऊ कैंट में क्षेत्रीय अध्यक्ष सुरेश तिवारी, सुधांशु त्रिवेदी, मुकेश शर्मा, अनिता अग्र्रवाल, शबनम पांडेय, रूपा देवी, मयंक जोशी व नीरज सिंह के नाम चर्चा में है। पार्टी का एक खेमा उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को भी मैदान में लाने का पक्षधर है। भाजपा यहां से प्रदेश के एक एक बड़े राजनीतिक घराने की बहू पर भी दांव लगा सकती है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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