सुभाष शर्मा, उदयपुर। केंद्रीय भारी उद्योग एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सरकार गुड गर्वनेंस  के नाम पर ग्यारह महीने पहले सत्ता में आई, लेकिन ये सरकार बैड गर्वनेंस में दिखाई दे रही है। इस सरकार ने ठेकेदारों का पैसा रोक दिया है और उस राशि को दूसरे कामों में लगा दिया। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिले पैसे का उपयोग भी दूसरे कामों में लिया जा रहा है। इसका परिणाम कांग्रेस सरकार को निकाय चुनावों में भुगतना होगा। मेघवाल उदयपुर में निकाय चुनाव को लेकर आयोजित अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यक्रम में भाग लेने मंगलवार को आए थे। इससे पहले उनसे विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई।

केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए सरकार में नहीं आई, बल्कि उसका उद्देश्य समाज के अंतिम वर्ग तक योजनाओं का लाभ दिलाना है। इसके विपरीत कांग्रेस ने पिछले साठ सालों में निम्न तबके को केवल वोट बैंक माना था। दोनों दलों के नजरिये का नतीजा है कि आज कांग्रेस देश भर में हाशिए पर चली गई।

मंत्री बोले, प्रदेश की कांग्रेस सरकार है कनफ्यूज

उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को कनफ्यूज सरकार करार दिया। उन्होंने कहा कि महापौर के चुनाव को लेकर राजस्थान सरकार ऐसा हाईब्रिड फार्मूला लाई, जिसका विरोध हमने ही नहीं, बल्कि उनके उप मुख्यमंत्री तक ने किया।

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने का फायदा भाजपा को अवश्य मिलेगा। शहरों में भाजपा का प्रभाव बढ़ रहा है। कांग्रेस सरकार ने महसूस किया तब महापौर का फार्मूला भी बदल दिया गया। मेघवाल ने कहा कि महापौर के चुनाव के लिए सात दिन का समय देना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है यानी सौदेबाजी के लिए टाइम रखा गया है, जबकि इससे पहले पार्षदों के परिणाम के दिन ही महापौर का चुनाव होता रहा है।

राम मंदिर का फैसला किसी पक्ष की हार या जीत नहीं

मेघवाल ने कहा कि राम मंदिर का फैसला किसी पक्ष की हार या जीत नहीं, बल्कि जनता की जीत है। उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस के साथ गठबंधन को अपवित्र गठबंधन बताया और कहा कि गठबंधन धर्म निभाने का वक्त है। भाजपा गठबंधन की राजनीति जानती है। शिवसेना संसद चुनाव से ही भाजपा के साथ रही और उसको अपना धर्म निभाना चाहिए।

करतारपुर कॉरीडोर पर भी मंत्री ने रखी अपनी राय

केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि पाकिस्तान में करतारपुर कॉरीडोर के लिए विभाजन के समय की तत्कालीन सरकारें दोषी हैं। यह धार्मिक स्थान चंडीगढ़ से महज दस किलोमीटर की दूरी पर है। यदि तत्कालीन सरकारें उस समय ध्यान देतीं तो आज यह भारत का अभाज्य अंग होता।

मेघवाल ने कहा कि उदयपुर और बीकानेर नगर निगम में भाजपा की जीत पक्की है। उदयपुर में भाजपा सत्तर में से 55 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगी। इसी तरह बीकानेर में दो तिहाई बहुमत से जीत सुनिश्चित है। उन्का कहना था कि दोनों जगह भाजपा निकायों ने शहर के हेरिटेज को सहजने के लिए अभूतपूर्व काम किए।

Posted By: Dhyanendra Singh

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