जयपुर, जेएनएन। Rajasthan Panchayat Election 2020: राजस्थान में दूसरे चरण के पंचायत चुनाव मेें एक ऐसी प्रत्याशी भी मैदान में है, जो कुछ समय पहले दुबई की एक शिपिंग कंपनी में 25 लाख रुपये सालाना के पैकेज पर नौकरी कर रही थी। अब वो सरपंच बनने के लिए अपने गांव आ पहुंची है। ये प्रत्याशी है सुनीता कंवर। जो सीकर की श्रीमाधोपुर तहसील के नांगल गांव की बहू है और इन दिनों अपनी जीप खुद चला कर चुनाव प्रचार करती दिखती है।

राजस्थान में पंचायत चुनाव का पहला चरण 18 जनवरी को पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण के लिए 22 जनवरी को मतदान होना है। सुनीता कंवर के गांव नांगल में भी 22 को ही मतदान है। सुनीता दुबई की एक शिपिंग कंपनी में काम करती थी। वे बीते 13 बरसों से दुबई में रह रही है। सुनीता कंवर के पति जोधा सिंह शेखावत भी दुबई में प्राइवेट कंपनी में है। वहीं, ससुर दिगपाल सिंह शेखावत और परिवार के अन्य लोग गांव में ही रहते हैं।

मीडिया से बातचीत में सुनीत कहती है कि वे गांव का विकास करना चाहती है, इसलिए सरपंच का चुनाव लड़ रही है। साथ ही, उन्होंने बताया कि अगर वो चुनाव जीतती है तो गांव में बिजली, पानी, रोजगार, स्वास्थ, बालिका शिक्षा जैसी समस्याओं पर काम करेगी। जिसके लिए वह हर संभव मदद जुटाने की भी कोशिश करेगी। सुनिता कंवर ने बताया कि उसके पीहर तथा ससुराल पक्ष में आज से पहली कभी भी कोई राजनीति में नहीं आया। 

राजस्थान पंचायत चुनाव में पाक मूल की नीता बनीं सरपंच

राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण में टोंक जिले के नटवाड़ा पंचायत से पाकिस्तान मूल की नीता कंवर सरपंच का चुनाव जीत गई है। वह इस चरण के दो चर्चित प्रत्याशियों में से एक थीं। उनके अलावा दूसरा चर्चित चेहरा थी सीकर के पुराना बांस गांव की 97 वर्षीय विद्या देवी, वह भी विजयी रही है।

ससुर के बाद अब बहू चुनी गई

राज्य में पहले चरण के लिए मतदान और मतगणना शुक्रवार को हुई। देर रात घोषित नतीजों में विद्या देवी और नीता कंवर दोनों विजयी रहीं। टोंक के निवाई तहसील की नटवाडा ग्राम पंचायत की सरपंच बनी नीता कंवर नटवाडा गांव की बहू हैं। उन्होंने 362 वोटों से जीत हासिल की है। उन्हें पांच माह पहले ही भारत की नागरिकता मिली है। उनके ससुर लक्ष्मण करण राठौ़ड़ गांव के तीन बार सरपंच रह चुके हैं। उन्हीं ने नीता कंवर को चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया था। नीता गांव के विकास के साथ-साथ शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्थाएं करना चाहती हैं।

22 साल की सुचित्रा भी जीती

सीकर में एक तरफ जहां 97 साल की विद्या देवी सरपंच बनी है, तो सीकर की ही लक्ष्मणग़़ढ तहसील के लालसी गांव में 22 साल की सुचित्रा गढवाल भी सरपंच बनी है। वे अभी स्नातक की प़़ढाई कर रही हैं और गांव में स्वच्छता व पेयजल के लिए काम करना चाहती है। स्वच्छता पर जोर देगी।

सबसे उम्रदराज विजेता

सीकर जिले के नीमकाथाना तहसील के पुरान बास ग्राम पंचायत से सरपंच निर्वाचित 97 वर्ष की विद्या देवी राजस्थान की सबसे अधिक उम्र की सरपंच बन गई हैं। विद्या देवी ने अपनी जीत पर कहा कि वे गांव के विकास के लिए कार्य करेंगी और स्वच्छता पर उनका सबसे ज्यादा जोर रहेगा। 55 साल पहले उनके पति स्वर्गीय मेजर शिवराम सिंह और उनके ससुर सूबेदार सेडूराम भी 20 साल सरपंच रहे थे।

विवाद, पथराव व फायरिंग 

पंचायत चुनाव के पहले दौर के नतीजे आने के बाद कुछ स्थानों पर जश्न के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। भरतपुर में जुलूस में फायरिंग हो गई वहीं बांसवाडा में पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। करौली के मांगेपुरा गांव में भी पथराव हुआ, जिसमें छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।

36 सरपंच निर्विरोध चुने गए

राज्य में पंचायत चुनाव के पहले चरण में 81.51 प्रतिशत मतदान हुआ। सर्वाधिक 89.25 फीसद मतदान हनुमानग़़ढ जिले में और सबसे कम पाली में 67.23 प्रतिशत हुआ। 36 ग्राम पंचायतों के सरपंच पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे।

राजस्थान की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Posted By: Sachin Kumar Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस