लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की मंगलवार को हंगामेदार शुरुआत हुई। सदन की कार्यवाही सुचारु व व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित के सभी दलों के नेताओं से सहयोग के आग्रह को दरकिनार कर विपक्षी नेताओं खासकर सपा के नेताओं ने दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया। सपा के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर बेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इस कारण विधान परिषद में कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी। इसी हो-हल्ला के बीच योगी सरकार ने विधानमंडल दोनों सदनों में चालू वित्तीय वर्ष के लिए दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। दूसरे अनुपूरक बजट का आकार 4210.85 करोड़ रुपये है।

आर्थिक सुस्ती के कारण राजस्व जुटाने में कठिनाई का सामना कर रही राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 4210.85 करोड़ रुपये का दूसराअनुपूरक बजट मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किया। विपक्ष के हंगामे के बीच विधानसभा में दोपहर 12.20 बजे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और विधान परिषद में नेता सदन डॉ.दिनेश शर्मा ने यह परंपरा निभायी। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में अनुपूरक बजट के मसौदे को मंजूरी दी गई। 

अनुपूरक बजट के सीमित आकार के बावजूद इसमें एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए खजाना खोलकर बुनियादी ढांचे के विकास को रफ्तार देने की मंशा जतायी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश के 13 जिला अस्पतालों को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए संसाधनों का इंतजाम किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पराली जलाने की समस्या से निपटने की मंशा भी दिखी है। 

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर मेहरबानी

योगी सरकार ने दूसरे अनुपूरक बजट में भी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए मोटी रकम देने में कोताही नहीं की है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए 200 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए यूपीडा द्वारा हुडको से लिये गए ऋण का समय से पहले भुगतान करने के लिए भी 960.94 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। चालू वित्तीय वर्ष में सरकार अब तक पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए 3310 करोड़ रुपये और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए 2000 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था कर चुकी है। सरकार का इरादा जहां अगस्त 2020 तक पूर्वांचल एक्सप्रेस पर यातायात शुरू करने का है, वहीं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जल्द शिलान्यास करने की तैयारी है। 

रेल के जरिये माल की ढुलाई को समर्पित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर परियोजना पर उपरिगामी सेतुओं और अंडरपास के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। बुनियादी ढांचे के विकास के तहत ऊर्जा सेक्टर के लिए 1106.9 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। 

मेडिकल कॉलेज में तब्दील होंगे 13 जिला अस्पताल

दूसरे अनुपूरक बजट में 13 जिला अस्पतालों को उच्चीकृत कर उन्हें मेडिकल कॉलेज के रूप में स्थापित करने के लिए 260 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। जिन जिलों के अस्पताल अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज बनाये जाने हैं, उनमें बिजनौर, कुशीनगर, सुलतानपुर, गोंडा, ललितपुर, लखीमपुर खीरी, चंदौली, बुलंदशहर, सोनभद्र, पीलीभीत, औरैया, कानपुर देहात और कौशांबी शामिल हैं। हर जिले के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। कानपुर के जेके इंस्टीट्यूट ऑफ रेडियोलॉजी एंड कैंसर रिसर्च के विभिन्न कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 

अटल आवासीय विद्यालयों और ग्राम स्वराज अभियान को तवज्जो : निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए मंडल मुख्यालयों में प्रस्तावित अटल आवासीय विद्यालयों के निर्माण के लिए 130 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वहीं राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के लिए भी 221.67 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। 

पर्यावरणीय सरोकार भी झलके : अनुपूरक बजट में पर्यावरण संरक्षण की चिंता भी झलकी है। प्रदेश में खास तौर पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पराली जलाये जाने की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट से लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में फजीहत झेलने के बाद सरकार ने एनसीआर जिलों में पराली प्रबंधन योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की रकम आवंटित की है। वहीं कानपुर देहात के रनियां क्षेत्र में डंप क्रोमियम वेस्ट के उपचार और निस्तारण के लिए 23.44 करोड़ रुपये का इंतजाम भी किया गया है। मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर में प्राणि उद्यान के निर्माण के लिए भी 30 करोड़ रुपये दिये गए हैं। 

उत्सवों-आयोजनों का भी ख्याल : राजधानी में होने वाले उत्सवों और बड़े आयोजनों के लिए भी सरकार ने अनुपूरक बजट के जरिये धनराशि जुटायी है। अगले वर्ष फरवरी में लखनऊ में होने वाले डिफेंस एक्सपो के लिए 86.81 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैैं। जनवरी में राजधानी में आयोजित होने वाले 23वें राष्ट्रीय युवा उत्सव के लिए 18.84 करोड़ रुपये और कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन इंडिया रीजन कांफ्रेंस के लिए पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 

इनके लिए भी धनराशि आवंटित

-अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए 8.36 करोड़ रुपये

-चंदौली में फोर्टिफाइड चावल के वितरण के लिए 3.03 करोड़ रुपये

-प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत मदरसों में स्मार्ट क्लासरूम के संचालन के लिए 20.85 करोड़ रुपये

-अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 32.21 करोड़ रुपये

-कर्मचारी सामूहिक बीमा योजना के ब्याज भुगतान के लिए 8.84 करोड़ रुपये

-वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वेतन व गैर वेतन मदों के लिए 13.95 करोड़ रुपये

-मुख्यमंत्री विवेकाधीन अनुदान के लिए पांच करोड़ रुपये

-फलदार बीजू पौधे रोपने के लिए पांच करोड़ रुपये

-उप्र लोक सेवा आयोग के लिए 8.08 करोड़ रुपये

4,97,506.82 करोड़ रुपये कुल बजट आवंटन 

सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए बीती सात फरवरी को 4,79,701.1 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इसके बाद 23 जुलाई को उसने 2019-20 के लिए 13594.87 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पेश किया था। दूसरे अनुपूरक बजट को मिलाकर इस वर्ष 4,97,506.82 करोड़ रुपये का बजट आवंटन हो चुका है।

अनुपूरक बजट में बुनियादी ढांचे पर जोर

योगी सरकार ने विधानमंडल के दोनों सदनों में चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। दूसरे अनुपूरक बजट का आकार 4210.85 करोड़ रुपये है। दूसरे अनुपूरक बजट में सरकार एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं और सड़कों के लिए संसाधन आवंटित किये हैं। इसके लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए 500 करोड़ों रुपये और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। अनुपूरक बजट में फरवरी में राजधानी में आयोजित होने वाले डिफेंस एक्सपो और डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के लिए भी रकम आवंटित की गई है। डिफेंस एक्सपो के आयोजन के लिए 86.81 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए हुडको से लिए गए ऋण का समय से पहले भुगतान करने के लिए 960.94 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं।

प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए भी सरकार ने बटुआ ढीला किया है। जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर 13 जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 260 करोड रुपये आवंटित किये गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए भी सरकार ने दरियादिली दिखाते हुए 32.21 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए प्रस्तावित अटल आवासीय विद्यालयों के लिए भी सरकार ने रकम आवंटित की है। इसके लिए 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों में पराली प्रबंधन के लिए ₹25 करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं। वहीं, 23 वें राष्ट्रीय युवा उत्सव के आयोजन के लिए ₹18.84 करोड़ आवंटित हुए हैं।

बता दें कि योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 4,79,701.1 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। बीती 23 जुलाई को सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 13,594.87 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया था। 

सत्ता पक्ष के कारण पहली बार स्थगित हुई विधानसभा

लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ सदन में अपना पक्ष रखना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला। इस पर भाजपा के कई अन्य सदस्य खड़े हो गए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने पहले आधे घंटे और उसके बाद 15 -15 मिनट के लिए सदन दो बार और स्थगित किया। स्थगन के दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना सहित सरकार के कई मंत्री विधायक को समझाने का प्रयास करते रहे। 

सदन जैसे ही शुरू हुआ सत्ता पक्ष के विधायक खड़े हो गए। इसे देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कल 11 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया। सदस्य विधायक एकता जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। सदन स्थगित होने के बाद भी विधायक सदन में बैठे रहे। सपा, बसपा व कांग्रेस के विधायक भी सदन में बैठे रहे।

सपा का सदन से बाहर और भीतर हंगामा

महिलाओं और कमजोर वर्ग के प्रति अपराधों में बेतहाशा वृद्धि, महंगाई, ध्वस्त कानून व्यवस्था, किसानों की समस्याओं के अलावा नागरिकता संशोधन कानून का मुद्दा उठाते हुए सपा के विधायकों ने सदन के बाहर और भीतर जमकर हंगामा किया। विपक्ष के हंगामे के कारण विधान परिषद की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सपा सदस्यों ने फिर नागरिकता संशोधन विधेयक, कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मुद्दों पर नारेबाजी शुरू कर दी। अधिष्ठाता ओम प्रकाश शर्मा ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12.20 बजे तक स्थगित कर दी है। इस दौरान सदन में बसपा और कांग्रेस के विधायकों ने भी सरकार का विरोध किया, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से। वे न वेल में गए और न धरना दिया।

Posted By: Umesh Tiwari

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