लखनऊ, जेएनएन। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए सोशल मीडिया पर जहर उगल रहे फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप से जुड़ी पर्दे की पीछे की कहानी सामने आ गई है। दरअसल, अनुराग अपनी फिल्म 'सांड की आंख' के लिए अनुदान चाहते थे, जो उन्हें नहीं मिल सका। फिल्म 'मुक्काबाज' की सब्सिडी भी फंसी हुई है। भाजपा मानती है कि यह उसी की खीझ है।

फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप न सिर्फ नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं, बल्कि हाल ही में एक ट्वीट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर यह तेजी से फैला तो भाजपा की टीम भी मोर्चा संभालने को सक्रिय हो गई। सरकार के सूचना सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने राज्य फिल्म विकास परिषद तथा फिल्म बंधु के फिल्म निर्माताओं के साथ हुए पत्राचार को सार्वजनिक कर दिया। इसमें सूचना निदेशक एवं सदस्य सचिव फिल्म बंधु शिशिर द्वारा फिल्म 'सांड की आंख' को अनुदान के संबंध में 13 सितंबर 2019 को लिखा गया पत्र भी है।

इस पत्र में अनुराग कश्यप को बताया गया है कि आवेदन पत्र के कई कॉलम नहीं भरे गए हैं। उनसे कमियों का निराकरण करने के लिए कहा गया था, जो नहीं किया गया। उनके द्वारा निर्देशित फिल्म 'मुक्काबाज' को अनुदान देने के लिए फिल्म बंधु ने 11 जून, 2018 को स्क्रिप्ट अनुमोदित कर दी थी। उसमें जो नियम-शर्तें लिखी थीं, उससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने से मुक्काबाज का अनुदान भी अभी नहीं मिल सका है। वहीं, सपा शासन में उनकी मसान फिल्म को दो करोड़ रुपये अनुदान दिया गया था।

अखिलेश ने शुरू की पेंशन, योगी ने की बंद

अनुराग कश्यप के मन में आई कड़वाहट की एक और वजह मानी जा रही है। सपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनुराग को यश भारती सम्मान से नवाजा। उन्हें पचास हजार रुपये मासिक पेंशन देना शुरू कर दिया। योगी सरकार ने मासिक पेंशन नियमावली में संशोधन कर दिया, जिससे अनुराग सहित अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी, नसीरुद्दीन शाह, क्रिकेटर आरपी सिंह आदि की पेंशन बंद हो गई।

Posted By: Umesh Tiwari

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