सुनेत्रा पवार बनीं NCP की अध्यक्ष, अजित पवार की मौत के एक महीने बाद पार्टी ने लिया फैसला
सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का नया अध्यक्ष चुना गया है। यह फैसला दिवंगत अजित पवार के निधन ...और पढ़ें

सुनेत्रा पवार बनीं NCP की अध्यक्ष (फाइल फोटो)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और दिवंगत अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने पार्टी अध्यक्ष चुना है। यह निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने इस फैसले की जानकारी साझा की है। बता दें, करीब एक महीने पहले अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनाया गया।
पार्टी नेताओं ने नाम का किया समर्थन
महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनिल तटकरे ने उनके नाम का समर्थन किया और कहा कि यह पार्टी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया।
-1772109434985.jpg)
बैठक में नेताओं ने पूर्व एनसीपी राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार को श्रद्धांजलि दी। 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया था।
उपमुख्यमंत्री पद भी संभाला
सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति अजीत पवार की जगह पार्टी की कमान संभाली है। 26 फरवरी को उन्होंने आधिकारिक रूप से पद ग्रहण किया। इससे पहले पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी।
31 जनवरी को उन्हें महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। वह राज्य के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। अजीत पवार के निधन के बाद पैदा हुए नेतृत्व संकट में उन्हें एनसीपी विधायक दल का नेता भी चुना गया था।
-1772109449935.jpg)
वर्तमान में वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं। उनके पास राज्य आबकारी, खेल और युवा कल्याण तथा अल्पसंख्यक विकास और वक्फ जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं।
सामाजिक कार्य से राष्ट्रीय राजनीति तक
सुनेत्रा पवार का यह तेज राजनीतिक उभार खास माना जा रहा है। कुछ ही हफ्तों में वह राज्यसभा सांसद से राज्य और पार्टी के शीर्ष पद तक पहुंच गईं। इससे साफ है कि पार्टी को उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।
कई दशकों तक वह मुख्य रूप से अजीत पवार के पीछे रहकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। बारामती में उन्होंने विद्या प्रतिष्ठान के शैक्षणिक संस्थानों का प्रबंधन किया और ‘एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया’ जैसे पर्यावरण से जुड़े कामों का समर्थन किया।
साल 2024 के मध्य में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि वहां उन्हें हार मिली, लेकिन बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया। इसके बाद से पार्टी में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई और अब वह एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गई हैं।
