कोलकाता, जागरण संवाददाता। नागरिकता संशोधन कानून के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने को अब प्रदेश भाजपा की ओर से राज्यवासियों को पोस्ट कार्ड मुहैया कराया जाएगा। जिस पर राज्य के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कानून के लिए धन्यवाद देने के साथ ही अपने विचार भी व्यक्त करेंगे। साथ ही बताया गया कि इस कानून के समर्थन में प्रदेश भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री को एक करोड़ पत्र भेजने की योजना है और नववर्ष के शुरुआत से ही प्रदेश पार्टी इकाई के नेता इसको ले सक्रिय हो जाएंगे।

दरअसल, गत सोमवार को नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में निकले भाजपा के अभिनंदन यात्रा में शामिल होने को कोलकाता आए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्य के शीर्ष नेताओं संग बैठक की, जिसमें उन्हें सलाह दी कि वे इस कानून के समर्थन को जनता के बीच जाए और बूथ स्तर तक प्रचार को हर घर को कवर करने की कोशिश करें, ताकि राज्य का हर नागरिक इस कानून के बारे में जान सके। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बैठक में प्रदेश भाजपा के महासचिवों के अलावा पर्यवेक्षक अरविंद मेनन भी मौजूद रहे। इतना ही नहीं नड्डा ने कहा कि राज्य के लोग इस कानून के पक्ष है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीएए के खिलाफ दुष्प्रचार कर वोट बैंक की सियासत कर रही हैं। ऐसे में उन्होंने आगामी रणनीति तैयार करते हुए सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस को घेरने के साथ ही जनता तक कानून में उल्लेखित बातों को पहुंचाने को पोस्ट कार्ड वितरण कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने की योजना बनाई है। जिसके तहत राज्यवासी मोदी को पत्र भेज इस कानून का समर्थन करने के साथ ही अपने विचार भी व्यक्त करेंगे।

इस संबंध में प्रदेश भाजपा के महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाली हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने के खिलाफ हैं और यही कारण है कि हम अभियान चला राज्य के लोगों के बीच जाएंगे। वहीं इस कानून के विरोध में देश भर में जारी प्रदर्शन के बीच प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष चंद्र कुमार बोस ने ट्वीट कर केंद्र की मोदी सरकार को घेरते हुए लिखा कि अगर नागरिकता संशोधन कानून किसी धर्म से जुड़ा नहीं है तो सिर्फ हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी और जैन ही क्यों शामिल हैं। उनकी तरह मुस्लिमों को भी इसमें शामिल क्यों नहीं किया गया। इसे पारदर्शी होना चाहिए।

यदि मुसलमानों को उनके ही देश में सताया नहीं जा रहा है तो वे नहीं आएंगे, इसलिए उन्हें शामिल करने में कोई बुराई नहीं है, हालांकि, यह पूरी तरह से सही नहीं है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में रहने वाले बलोच के बारे में क्या कहना है? पाकिस्तान में अहमदिया के बारे में क्या कहना है? खैर, भाजपा इस कानून के समर्थन में अभियान चला लोगों को पक्ष में करने की कोशिश कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि उसे विपक्ष के साथ ही अपने नेताओं के प्रहार भी झेलने पड़ रहे हैं। 

Posted By: Preeti jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस