लखनऊ, जेएनएन। गोपनीय पत्र लीक होने के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने निलंबित आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण के बाद चार और आईपीएस अधिकारियों से पूछताछ की है। एसआईटी ने गोपनीय पत्र में भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों से घिरे आईपीएस अधिकारी सुधीर कुमार सिंह, हिमांशु कुमार, गणेश प्रसाद साहा व राजीव नारायण मिश्रा से लंबी पूछताछ के दौरान उनके बयान दर्ज किये।

वाट्सऐप चैट के आधार पर उनसे कई बिंदुओं पर सवाल-जवाब किए गए। एसआईटी जल्द आरोपों से घिरे आईपीएस अधिकारी डॉ.अजय पाल शर्मा से भी पूछताछ करेगी। एसआईटी ने पूर्व में वैभव कृष्ण से दो बार पूछताछ की थी। सूत्रों का कहना है कि गौतमबुद्धनगर में भ्रष्टाचार के मामले को लेकर दर्ज कराए गए मुकदमे के विवेचनाधिकारी के बयान भी दर्ज किए गए हैं।

गौतमबुद्धनगर के एसएसपी रहते हुए वैभव कृष्ण ने बीते दिनों भ्रष्टाचार के एक मामले में कार्रवाई के बाद शासन को गोपनीय पत्र भेजा था। पत्र में पांच आईपीएस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी हैं। इसके अलावा मुख्य सचिव के मीडिया कार्यालय के निदेशक दिवाकर खरे, पीसीएस अधिकारी गुलशन कुमार व पीसीएस अधिकारी रजनीश व कुछ निजी व्यक्तियों के नाम भी हैं।

बीते दिनों वैभव कृष्ण का एक वीडियो वायरल होने के बाद उसे कथित होने का दावा किया गया था। वैभव कृष्ण ने वायरल वीडियो को लेकर गौतमबुद्धनगर में एफआइआर भी दर्ज कराई थी और एक जनवरी को प्रेसवार्ता की थी। इसके बाद ही उनकी ओर से शासन को लिखा गया गोपनीय पत्र भी लीक हो गया था।

प्रकरण में शासन ने जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की थी। वैभव कृष्ण को निलंबित किए जाने के साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे पांचों आईपीएस अधिकारियों को भी उनके पदों से हटा दिया गया था। शासन ने गोपनीय पत्र लीक मामले की जांच के लिए डीजी विजिलेंस हितेश चंद्र अवस्थी (अब कार्यवाहक डीजीपी) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी में आइजी एसटीएफ अमिताभ यश व उप्र जल निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल बतौर सदस्य शामिल हैं। एसआईटी में कई विशेषज्ञ पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया है।

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