लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि विकास कार्य किया नहीं, केवल ध्यान बंटाने के लिए तमाम आयोजन कर करोड़ों रुपये फूंके जा रहे हैं। सरकार धर्म और जाति के नाम पर फूट डाल रही है। गंगा यात्रा पर रथ निकालने का क्या मतलब है? करोड़ों रुपये गंगा की सफाई पर फूंक दिए गए, लेकिन गंगा आज भी मैली है। 

समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश ने कहा कि आज भी पिछड़ों को अधूरा लाभ मिला है। कर्पूरी ठाकुर का बचपन घोर गरीबी में बीता इस कारण वह विधायक और मंत्री रहते हुए अपना वेतन गरीबों के दुख दर्द में बांट देते थे। उन्होंने कहा कि यदि जनगणना में जातियों की गणना हो जाए तो हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा ही खत्म हो जाएगा। हरेक समाज की भागीदारी तय हो जाएगी। लेकिन सरकार तो इसके आंकड़े सामने नहीं लाना चाहती है।

अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार से किसान, नौजवान, व्यापारी व छात्र सभी परेशान हैं। किसान का न तो कर्ज माफ हुआ और न ही आय दोगनी हुई। नौजवान बेरोजगारी से त्रस्त हैं। युवा आंदोलनरत हैं। सबको अपनी नागरिकता साबित करनी होगी। इस मौके पर अखिलेश ने विश्वनाथ राजभर 'नीलम' द्वारा लिखित 'दमयंती महाकाव्य' पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, पूर्व मंत्री मनोज पाण्डेय, एसआरएस यादव, जगजीवन प्रसाद, अरविन्द कुमार सिंह, उदयवीर सिंह सहित कई अन्य उपस्थित थे।

Posted By: Umesh Tiwari

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