लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता प्रवासी श्रमिकों पर बहुत भारी पड़ रही है। मदद के लिए जो हाथ बढ़ते हैं उनको भी भाजपा झटक देने का अमानवीय बर्ताव कर रही है। भाजपा सरकार कोरोना संकट काल में मजदूरों की घर पहुंचने की व्याकुलता को भी अपने राजनीतिक स्वार्थसाधन के लिए इस्तेमाल कर रही है।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि यह भाजपा सरकार की नौटंकी नहीं तो क्या है कि वह बहाने पर बहाने बनाकर श्रमिकों के घर पहुंचने में अवरोधक बन रही है। भूखे-प्यासे श्रमिक, महिलाएं, बच्चे भयंकर गर्मी में नारकीय यातना भोग रहे हैं। भाजपा सरकार को स्वयं इस बात का फिटनेस सॢटफिकेट देना चाहिए कि क्या वह इस बदहाली में देश-प्रदेश का शासन-प्रशासन चलाने लायक है? देश-विदेश में भारत की छवि का ढिंढोरा पीटने वाले कहां हैं?

 

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में दिन रात चल रहे श्रमिकों की दुर्दशा की दर्दनाक कहानी सुनकर दिल दहल जाता है। रोज ही वे दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। समझ में नहीं आता कि जब सरकारी, प्राईवेट और स्कूलों की 50 हजार बसें खड़े-खड़े धूल खा रही हैं तो प्रदेश सरकार श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए इन बसों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रही है?

अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को पुनः निर्देश दिया है कि वे भाजपा के लोगों की बदजुबानी पर ध्यान न देकर श्रमिकों, बेहाल गरीबों की आवाज को आवाज देने से न डिगें, न भटकें। सभी समाजवादी सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करें और जनता को भाजपा के कारनामों से परिचित भी कराते रहे।

Posted By: Umesh Tiwari

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