लखनऊ, जेएनएन। संविधान दिवस पर महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक उलटफेर को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज किया। मंगलवार को किए ट्वीट में उन्होंने आरोप लगाया कि आज संविधान दिवस पर संविधान मानने वालों की जीत हुई और नकारने वालों की करारी हार। विशेष सांविधानिक शक्ति के दुरुपयोग के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते किसी और को भी इस्तीफा दे देना चाहिए, जिनकी भोर की भूल ने आज देश को सारे विश्व के सामने शर्मिंदा किया है।

इससे पहले पार्टी मुख्यालय में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि भीमराव आंबेडकर की अगुवाई में निर्मित संविधान से ही हमें समानता व सम्मान से जीने का अधिकार मिला। मौजूदा सत्ता में इसकी मौलिकता पर प्रहार हो रहा है इसलिए एकजुट होकर संविधान व संस्थानों को बचाना हर एक की प्राथमिकता होनी चाहिए। लोहिया सभागार में यादव ने कहा कि भाजपा सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ना अपना राजनीतिक कर्म मानती है। नैतिक मूल्यों में भाजपा की रुचि नहीं है। उससे राजनीति में शुचिता की उम्मीद नहीं की जा सकती है। यह लोकतंत्र के साथ धोखा है। इस मौके पर पूर्व स्पीकर माता प्रसाद पांडे, बदरे आलम, गनेश यादव व रामभजन मौर्य भी उपस्थित थे।

विशेष सत्र के दौरान सपा ने विधान भवन परिसर में दिया धरना

संविधान दिवस पर विधानमंडल के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी ने विधान भवन परिसर में धरना दिया। सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पूर्व लाल टोपियां लगाए सपा सदस्यों ने चौधरी चरण सिंह के प्रतिमा स्थल पर एकत्रित होकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए धरना दिया। सरकार विरोधी स्लोगन लिखी तख्तियां हाथों में लिए सपा नेताओं ने धान खरीद में किसानों के उत्पीड़न का प्रतीकात्मक विरोध भी किया। धान की बोरी, बिजली बिल व गन्ना साथ लेकर आए थे। राज्यपाल का अभिभाषण आरंभ होने से पहले ही सपा सदस्य सदन में पहुंच गए और शांति से अभिभाषण सुना। इस मौके पर रामगोविंद चौधरी, अहमद हसन, नरेश उत्तम पटेल, रफीक अंसारी नफीस अहमद, आनंद भदौरिया के अलावा नवनिर्वाचित विधायक डॉ. तंजीम फातिमा, सुभाष राय व गौरव रावत भी उपस्थित थे।

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