मुंबई, प्रेट्र। महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) में शिवसेना विधायक रवींद्र वायरकर ने पीएमसी बैंक (Punjab and Maharashtra Co operative Bank) के परेशान खाताधारकों का मुद्दा उठाते हुए पीएमसी बैंक का अन्य बैंक के साथ विलय करने की मांग की है। महाराष्ट्र विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए, वायकर ने बताया कि इस साल सितंबर में पीएमसी घोटाला सामने आने के बाद बैंक के 19 जमाकर्ताओं की मौत हो चुकी है। एक व्यक्ति की गलतियों के कारण पीएमसी बैंक के अन्य वास्तविक ग्राहकों को प्रभावित नहीं करना चाहिए।

वायकर ने कहा, मैं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से अनुरोध करता हूं कि वे इस समस्या को सुलझाने के लिए किसी अन्य बैंक के साथ इसका विलय कर दें। विधान भवन के परिसर में बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए वायकर ने कहा, 'जब पीएमसी बैंक घोटाला सामने आया था तब मैंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अनुरोध किया था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी इस समस्‍या से अवगत कराते हुए एक पत्र लिखा था।

पीएमसी बैंक में हुई धोखाधड़ी के बारे में आरबीआइ को पता चला था कि ऋणदाता ने कथित तौर पर लगभग दिवालिया हो चुके हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआइएल) को दिए गए 4,355 करोड़ रुपये के ऋण को छिपाने के लिए काल्पनिक खाते बनाए थे। मुंबई पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा और प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमसी बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों और एचडीआइएल के प्रमोटरों राकेश वधावन और सारंग वधावन के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया है।

बता दें कि 4355 करोड़ रुपये के पीएमसी घोटाले  के उजागर होते ही भारतीय रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक से एक सीमा से अधिक राशि की निकासी पर पूर्णत: रोक लगा दी है। जिसके कारण खाताधारत अपना ही पैसा निकालने में असमर्थ हैं, रिजर्व बैंक के अनुसार छह माह में खाताधारक महज 40 हजार की निकासी ही कर सकता है। 

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Posted By: Babita kashyap

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