लखनऊ, जेएनएन। कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी भले ही उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को ताकत जुटाने की जुगत में है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र से एक बार फिर बगावत के सुर तेज हो रहे हैं। सोनिया गांधी के खिलाफ ताल ठोंकने वाले दिनेश प्रताप सिंह के बाद अब पार्टी की विधायक अदिति सिंह ने पार्टी के निर्देश को ताक पर रखा है। इससे पहले अदिति सिंह ने अनुच्छेद 370 हटाने के मोदी सरकार के फैसले का समर्थन किया था।

रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह पार्टी के फैसले को नजरअंदाज कर सरकार के बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र में भाग लेने पहुंच गईं। इतना ही नहीं, लखनऊ में मौजूदगी के बाद भी पार्टी महासचिव प्रियंका वाड्रा की पदयात्रा में न पहुंचकर अदिति ने तमाम कयासों को रास्ता दे दिया है।

रायबरेली की सदर सीट से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह विधानमंडल के विशेष सत्र में शामिल होने पहुंच गईं। उन्होंने विधानसभा में चर्चा में भी भाग लिया। सदन से निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दो टूक कहा कि जनता ने मुझे विकास के लिए विधायक चुना है। मैंने सदन में विकास को लेकर ही चर्चा की।

अदिति ने 36 घंटे चलने वाले विशेष सत्र में हिस्सा लिया और अपनी बात भी रखी। जब अदिति से विपक्षी पार्टी के बहिष्कार के बाद भी सदन में आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, कि अगर आपने मेरा भाषण सुना होगा तो मैंने सिर्फ विकास और सतत विकास लक्ष्य के बारे में चर्चा की। मैं अपने पिता के रास्ते पर चलते हुए राजनीति करती हूं। मुझे जो सही लगता है, मैं करती हूं। उन्होंने कहा कि वह सदन में आईं और चर्चा में हिस्सा लिया क्योंकि उन्हें ऐसा करना सही लगा।

मुझे सही लगा, वही मैंने किया

पार्टी लाइन के संबंध में सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि जो मेरे पिता ने सिखाया है और जो मुझे सही लगा, वही मैंने किया। जब उनसे पार्टीलाइन का उल्लंघन करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं पार्टी लाइन से ऊपर उठी और विकास पर बात करने की कोशिश की। यही करना मेरी पहली और शीर्ष प्राथमिकता है। जब पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह पार्टी का निर्णय होगा और पार्टी जो भी निर्णय लेगी मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं। इससे पहले अनुच्छेद 370 हटाने के मोदी सरकार के फैसले का समर्थन किया था। अदिति ने कहा कि पार्टी मेरे निर्णय को किसी भी रूप में ले। पार्टी जो भी निर्णय लेगी, मुझे स्वीकार होगा।

कांग्रेस की युवा विधायक के यह तेवर निकट भविष्य में ही कुछ अलग रास्ते पर कदम बढ़ाने की आहट दे रहे हैं। चर्चाओं को बल इसलिए भी मिला है, क्योंकि गांधी जयंती पर प्रियंका गांधी पदयात्रा करने राजधानी आईं। उनके साथ प्रदेशभर के कार्यकर्ता थे, लेकिन अदिति सिंह कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं। इस संबंध में जब कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू से बात की तो बिना किसी टिप्पणी के फोन कट गया। फिर प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। सपा और बसपा ने तो विशेष सत्र में शामिल न होने के दूसरे बहाने बताए, जबकि कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने सत्र बहिष्कार की खुली घोषणा की थी।  

Posted By: Dharmendra Pandey

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