कोलकाता, एएनआइ। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं वे पहले सीएए को वापस लें ।

     

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीएए के मुद्दे पर पीएम मोदी से बातचीत करने के लिए तैयार हैं।लेकिन ममता बनर्जी की मांग है कि पहले प्रधानमंत्री इस कानून को वापस लें। ममता बनर्जी ने कहा ये अच्छी बात है कि पीएम मोदी सीएए पर बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले उन्हें ये विवादित नागरिकता कानून वापस लेना होगा।  

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को सीएए के विरोध में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा उन्होंने (पीएम) कश्मीर और सीएए पर फैसला लेने से पहले ऑल पार्टी मीटिंग नहीं बुलाई। सीएए, एनआरसी और एनपीआर तीनों देश के लिए अच्छे नहीं हैं। हम इस मुद्दे पर बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले इसे वापस लिया जाना चाहिए।

ममता बनर्जी ने कहा है कि सीएए सिर्फ एक कानून नहीं है, यह मानवता और भारत के लिए शर्मनाक है।संविधान बदलना संभव नहीं है और यह हमारे देश के लिए है। उन्होंने कहा कि हम भारत के लोग हैं तो यह धर्म पर आधारित कैसे हो सकता है।

जानकारी हो कि ममता बनर्जी ने कहा है कि 31 जनवरी से छात्र संगठन रानी रासमणि रोड में जारी विरोध-प्रदर्शन की कमान संभालेगा और एक-दो फरवरी को सीएए-एनआरसी के विरोध में राज्यभर में जुलूस निकाला जाएगा। पांच फरवरी को सीएए-एनआरसी के खिलाफ पार्टी की ओर से ब्लॉक स्तर पर मानव श्रृंखला बनाकर विरोध किया जाएगा। छह फरवरी को हाथों में सीएए-एनआरसी विरोधी तख्तियां लिए पार्टी कार्यकर्ता मौन जुलूस निकालेंगे। सात फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के बाद बजट अधिवेशन होगा और आठ और नौ फरवरी को पार्टी प्रतिनिधि ब्लॉक स्तर पर एससी-एसटी समुदाय के लोगों के घर जाकर उनकी समस्याओं पर उनसे चर्चा करेंगे। 10-13 फरवरी तक पार्टी के नेता बूथ स्तर पर बैठक करेंगे। 

Posted By: Preeti jha

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