लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन से रिक्त सीट पर उप चुनाव घोषित हो गया है। उत्तर प्रदेश कोटे की सीट के लिए भाजपा के दिग्गजों ने अपने-अपने लिए पहल शुरू कर दी है। पार्टी ऐसे चेहरे पर दांव लगाना चाहती है जिसकी संगठन के लिहाज से अहमियत हो। इस सीट के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 4 अक्टूबर है।

इस सीट के लिए अधिसूचना जारी हो गई है। चार अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है। उम्मीद है कि यहां विधानसभा उप चुनाव के उम्मीदवारों संग राज्यसभा उम्मीदवार की भी घोषणा हो जाए। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली की रिक्त राज्यसभा सीट से कोई चौंकाने वाला नाम उम्मीदवार हो सकता है। इस सीट के चुनाव की घोषणा होने के साथ ही यह संकेत मिलने लगे हैं।

इसके लिए भाजपा महासचिव अरुण सिंह का नाम सर्वाधिक चर्चा में है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा के नाम पर भी विचार हो सकता है। लोकसभा चुनाव में मनोज गाजीपुर से हार गये थे। इनके अलावा पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने भी पूरी ताकत लगा दी है। इसके साथ भाजपा प्रदेश संगठन के कुछ पदाधिकारियों के नाम भी चर्चा में हैं। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर और प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल के अलावा प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव का नाम प्रमुख हैं।

संगठनात्मक गतिविधियों में राठौर और शुक्ल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भाजपा उम्मीदवार घोषित करने में अप्रत्याशित फैसला भी कर सकती है। संगठन से जुड़े कुछ ऐसे भी लोग मौका पा सकते हैं जिनकी परदे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

चुनाव और नतीजों की तारीख 16 अक्टूबर तय की गई है। जेटली का कार्यकाल 2 अप्रैल 2024 तक था। पिछले दिनों उनकी मृत्यु हो जाने से यह सीट रिक्त हो गई। वैसे तो इस सीट के जरिये राज्यसभा जाने की इच्छा प्रदेश के कई भाजपा नेताओं के दिलों में हिलोरे मार रही है। माना यह जा रहा है कि जेटली की जगह किसी अन्य बड़े चेहरे या उससे जुड़े व्यक्ति को ही इस सीट पर भाजपा से प्रत्याशी बनाया जाएगा। भाजपाइयों में ज्यादा जिज्ञासा नाम को लेकर ही है। अटकलें लग रही हैं कि किसी बाहरी को टिकट मिलेगा या इस बार प्रदेश के किसी भाजपा कार्यकर्ता की किस्मत खुलेगी।  

Posted By: Dharmendra Pandey

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