जयपुर, जागरण संवाददाता। राजस्थान विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से कड़े मुकाबले में हारने वाले मानवेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट से भाजपा के टिकट पर चुनाव हारे युनूस खान को अपनी-अपनी पार्टियों में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।

मानवेंद्र सिंह और युनूस खान चुनाव में सबसे चर्चित चेहरे के रूप में उभरे है। राजपूत वोट बैंक और भाजपा के दिग्गज नेता जसवंत सिंह के स्वाभिमान के नाम पर मानवेंद्र सिंह को वसुंधरा राजे के सामने झालारापाटन सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया था। वहीं युनूस खान को सचिन पायलट के सामने टिकट दिए जाने का कारण टोंक सीट पर मुस्लिम समाज की बहुलता थी। हालांकि प्रत्याशी बनाए जाते समय ही दोनों अच्छी तरह वाकिफ थे कि जीत से ज्यादा पार्टियां उनका राजनीतिक इस्तेमाल ज्यादा कर रही है।

मानवेंद्र को कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर मिल सकती है जिम्मेदारी

मानवेंद्र भले चुनाव हार गए,कांग्रेस सत्ता में आ गई है। अब उम्मीद है कि उन्हें कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर पर कोई अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पार्टी के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी ने बताया कि मानवेंद्र को कांग्रेस का राष्ट्रीय सचिव बनाया जा सकता है। उन्हे बाड़मेर-जैसलमेर सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ाए जाने की बात पहले से ही तय हो गई थी।

कांग्रेस का दामन थामने से पहले मानवेंद्र सिंह गत चुनाव में पहली बार भाजपा की टिकट पर शिव से विधायक चुने गए थे। चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई थी।

बावजूद, शिव से करीब 700 किलोमीटर दूर झालरापाटन सीट पर वसुंधरा राजे के सामने कांग्रेस ने प्रत्याशी बना दिया। उन्हें 81 हजार से अधिक वोट मिले और करीब 35 हजार वोटों से चुनाव हार गए। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के मुताबिक पार्टी मानवेंद्र का उपयोग एक राजपूत नेता के रूप में करेगी। उन्हे राजस्थान के अतिरिक्त उत्तरप्रदेश,मध्यप्रदेश,हरियाणा,दिल्ली और गुजरात जैसे पड़ौसी राज्यों में भी लोकसभा चुनाव अभियान के प्रचार अभियान में शामिल किया जाएगा।

युनूस खान को मिल सकता है पार्टी में पद

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खास पूर्व परिवहन मंत्री युनूस खान प्रदेश में पार्टी का एकमात्र बड़ा मुस्लिम चेहरा है। अब लोकसभा चुनाव से पूर्व युनूस खान को प्रदेश संगठन में पदाधिकारी बनाने के कयास लगाए जा रहे है। सूत्रों के अनुसार वसुंधरा राजे युनस खान को संगठन में पदाधिकारी बनाने के प्रयास में जुटी है। हमेशा डीडवाना सीट से चुनाव लड़ते रहे युनूस खान को 260 किमी. दूर टोंक विधानसभा सीट से उतार दिया गया। युनूस को 54 हजार वोट मिले और वह इतने ही वोटों से चुनाव हार गए थे। युनूस खान वसुंधरा राजे के लिए हमेशा संकट मोचक की स्थिति में रहे है। 

Posted By: Preeti jha

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