जयपुर, नरेन्द्र शर्मा। Rajasthan CM Ashok Gehlot. 17 दिसंबर  को एक साल का कार्यकाल पूरा कर रही राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार अब एक्शन मोड़ में आ गई है। सीएम गहलोत ने तय किया है कि वे प्रति सप्ताह जयपुर में जनसुनवाई करेंगे और बाहर जिलों की यात्रा के दौरान भी आम जन से मुलाकात करेंगे। वहीं, जिलों के प्रभारी मंत्रियों को माह में दो बार अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने के साथ ही अपने गृह जिलों के आम लोगों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान कराना होगा।

मंत्रियों को अपने दौरों की रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष को सौंपनी होगी। दरअसल, सीएम गहलोत और कांग्रेस नेतृत्व तक पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से मंत्रियों एवं विधायकों की आम लोगों के प्रति बेरुखी की शिकायत पहुंची है। मंत्रियों के जयपुर स्थित शासन सचिवालय स्थित अपने दफ्तर अथवा आवास पर नहीं मिलने और जिलों का दौरा नहीं करने की लगातार मिल रही शिकायतों पर सीएम ने नाराजगी जताई है। रविवार को जयपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में गहलोत ने मंत्रियों को साफ हिदायत दी कि अब उन्हें काम करना होगा। आम लोगों से जुड़ाव और रिजल्ट नहीं देने वाले मंत्रियों को अब बख्शा नहीं जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों की शिकायत सीएम के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे तक पहुंची है। कांग्रेसजनों ने विधायकों के क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहने की बात भी नेतृत्व तक पहुंचाई है। पांडे ने बताया कि मंत्रियों के कामकाज पर हमारी नजर है, उचित समय पर निर्णय होगा।

कांग्रेसियों को जिलों से लेकर प्रदेश तक मिलेगी राजनीतिक नियुक्तियां

मंत्रियों और विधायकों के प्रति लोगों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए गहलोत ने प्रदेश में आम जनता से जुड़े कार्यों को कराने के लिए दो अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इनमें शहरी क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए "प्रशासन शहरों के संग" और गांवों से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए "प्रशासन गांवों के संग अभियान" चलाया जाएगा। इन शिविरों में मंत्री अधिकारियों के साथ आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका मौके पर ही निस्तारण करेंगे, जो समस्याएं बजट से जुड़ी होंगी उनके प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री सचिवालय तक भेजे जाएंगे।

बैठक में सीएम गहलोत,अविनाश पांडे और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंत्रियों से जिला स्तर पर राजनीतिक नियुक्तियों के प्रस्ताव अगले एक सप्ताह में तैयार कर के भेजने के लिए कहा है। जिला स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विभिन्न समितियों में मनोनीत कर राजनीतिक नियुक्तियां दी जाएगी। जिला स्तर पर नियुक्तियां होने के बाद वरिष्ठ नेताओं को प्रदेश स्तर के बोर्ड एवं निगमों में चेयरमैन और सदस्य बनाया जाएगा।

सरकार की वर्षगांठ पर आयोजित होंगे कार्यक्रम

गहलोत सरकार 17 दिसंबर को एक साल का कार्यकाल पूरा कर रही है । इस मौके पर जयपुर में प्रदेश स्तरीय आयोजन करने के साथ ही जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा भी मंत्रिपरिषद की बैठक में बनाई गई। बैठक में तय किया गया कि सरकार के अब तक हुए निर्णयों का प्रचार-प्रसार करने के लिए विचार-गोष्ठी और प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी । इनमें कांग्रेस के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के नेता शामिल होंगे। 

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