नई दुनिया, जयपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की 'राजस्थान गौरव यात्रा' में सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है। उनसे 16 अगस्त तक जवाब मांगा है।

राजस्थान हाई कोर्ट में अधिवक्ता विभूति भूषण शर्मा ने जनहित याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नांद्राजोग और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी को नोटिस जारी किया है।

याचिका में मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव और मुख्य अभियंता को भी पक्षकार बनाया गया था, लेकिन इनके वकील पहले ही कोर्ट में पेश हो गए और कहा कि उन्होंने खर्च संबंधी आदेश वापस ले लिया है। उधर, याचिकाकर्ता वकील ने कहा कि इस यात्रा के लिए जनसंपर्क विभाग के अधिकारी भी लगे हुए हैं। इसके अलावा जो खर्च हुआ है उसकी वसूली भी होनी चाहिए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने माना कि याचिका की सुनवाई होनी चाहिए।

गौरतलब है कि याचिका में कहा गया था कि चालीस दिन चलने वाली इस यात्रा में 165 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए 134 आम सभाएं की जाएंगी। यात्रा शुरू करने से पहले संयोजक गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने बयान जारी कर इसे भाजपा की यात्रा बताते हुए पार्टी फंड से खर्च उठाने की बात कही थी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने भी ऐसी ही बात कही थी।

याचिका में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सहित अधिकारियों को पक्षकार बनाते हुए कहा गया कि पार्टी विशेष के चुनाव प्रचार के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को व्यवस्था करने को कहा गया है। इसमें करोड़ों रुपये खर्च होंगे। सरकारी राजकोष से किसी राजनीतिक पार्टी का चुनाव अभियान नहीं चलाया जा सकता। याचिका में गुहार की गई है कि यात्रा में खर्च होने वाली राशि की भाजपा से वसूली की जाए।

कांग्रेस ने जाहिर की खुशी

मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा-'मुझे खुशी है कि हाई कोर्ट ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को नोटिस दिया है। साथ ही पूरी यात्रा पर सवाल उठाए हैं। जनता की गाढ़ी कमाई को सरकार इस यात्रा के जरिये बर्बाद कर रही थी।

Posted By: Arun Kumar Singh

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