लखनऊ, जेएनएन। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव तथा उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को पटरी पर लाने का जोरदार प्रयास शुरू कर दिया है। लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान बेहद सक्रिय रहीं प्रियंका गांधी दो दिन के दौरे पर आज लखनऊ पहुंची हैं। शुक्रवार को उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा राष्ट्रीय छात्र संगठन की टीम के साथ बैठक की।

पहले दिन शुक्रवार को कांग्रेस की स्ट्रेटेजिक कमेटी की बैठक खत्म होने के बाद कमेटी के सदस्य पूर्व राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला ने बताया कि दो मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने बैठक की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की खराब हो चुकी कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई है। इस दौरान चर्चा हुई कि हैदराबाद में तो एक घटना हुई। उत्तर प्रदेश में तो रोज महिलाओं के साथ अपराध हो रहे हैं। कमेटी ने तय किया कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही 14 दिसम्बर को दिल्ली में होने जा रही भारत बचाओ रैली की तैयारियों की समीक्षा की गई।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने आज ही भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के साथ अलग से बैठक की। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने बताया कि यूपी के सक्रिय और निष्क्रिय जिलों की रिपोर्ट मांगी है। सभी को सक्रिय करना है। संगठन प्रदेश के लिए अलग से कार्यक्रम बनाएगा।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा शुक्रवार को लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सबसे पहले अपनी रिश्तेदार पूर्व मंत्री शीला कौल के आवास, गोखले मार्ग पहुंचीं। यहां कुछ देर रुकने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय कांग्रेस नेहरू भवन पहुंची और परिनिर्वाण दिवस बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर के चित्र पर तस्वीर पर माल्यार्पण करने के साथ उनको नमन किया।

इसके बाद कांग्रेस मुख्यालय में बैठक का दौर जारी हो गया। प्रियंका की अध्यक्षता में स्ट्रेटेजिक कमेटी की बैठक हुई। बैठक करीब दो घंटा चली। इसमें 14 दिसम्बर को होने वाली भारत बचाओ रैली पर चर्चा के साथ उत्तर प्रदेश की खराब कानून-व्वस्था पर चर्चा की गई। मैनपुरी उन्नाव रायबरेली संभल में हुई घटनाओं को लेकर विशेष चर्चा चली। इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू  नेता विधानमण्डल आराधना मिश्रा,जितिन प्रसाद, इमरान मसूद ,प्रदीप जैन आदित्य, ब्रजलाल खबरी, राजीव शुक्ला, के एल शर्मा, नसीमुद्दीन सिद्दकी, राजा रामपाल, ब्रज किशोर, आरके चौधरी मौजूद थे। इस समिति में शामिल पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद और आरपीएन सिंह नहीं पहुंचे।

प्रदेश मुख्यालय में प्रियंका गांधी वाड्रा से इसके बाद राष्ट्रीय छात्र संगठन के नेताओं के साथ देर शाम तक बैठक की। वह दो दिन के लखनऊ दौरे पर कुल 16 घंटा मैराथन बैठक करेंगी। आज 11.15 से दोपहर दो और फिर शाम चार से आठ बजे तक पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। शनिवार को भी सुबह 11 से दो और फिर शाम चार से सात बजे तक बैठकों का दौर चलेगा।

रैली के लिए यूपी से ताकत जुटाएंगी प्रियंका

सियासी रूप से कांग्रेस के लिए लगभग बंजर हो चुके यूपी में पार्टी के सपनों की झंडाबरदार प्रियंका वाड्रा को न सिर्फ प्रतिद्वंद्वी दलों से जूझना है, बल्कि संगठन को भी खड़ा करने की चुनौती है। घर में बैठे कार्यकर्ताओं को निकालकर सड़कों पर उतारने के लिए फिलहाल 14 दिसंबर को दिल्ली में होने जा रही भारत बचाओ रैली बड़ा मौका है। मुख्य मुद्दा है 14 दिसंबर को नई दिल्ली में होने जा रही भारत बचाओ रैली। हर जिले से अधिक से अधिक भीड़ कैसे जुटाई जाए, इस पर वह पदाधिकारियों के साथ बात करेंगी।

शीर्ष नेतृत्व में शामिल किसी भी नेता की तुलना में सबसे बड़े राज्य की कमान बतौर प्रभारी प्रियंका के पास है, इसलिए दिल्ली की रैली में यूपी का दम भी उन्हें दिखाना है। प्रदेश के हर मुद्दे पर वह सोशल मीडिया के माध्यम से ट्वीट कर रही हैं। सरकार को घेरने का प्रयास लगातार चल रहा है। अब दो दिन यहीं रुक कर सतत बैठकों का इशारा यही है कि अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए प्रियंका लखनऊ में सक्रियता बढ़ाने जा रही हैं।

Posted By: Dharmendra Pandey

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