पटना [जेएनएन]। बेगूसराय जिले के बखरी से राजद विधायक उपेंद्र पासवान पर अपराधियों ने कल देर शाम जानलेवा हमला किया, जिसमें विधायक तो बाल-बाल बच गये, लेकिन इस हमले में उनके पास बैठे हुए दो लोगों को गोली लग गई जिससे वो घायल हो गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।। 

विधायक पर हुए हमले के बाद बिहार में राजनीति चरम पर है। जहां एक ओर राजद ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है तो वहीं सत्ता पक्ष की ओर से जदयू ने भी इसका करारा जवाब दिया है। इस हमले को तेजस्वी यादव ने दुखद बताते हुए बिहार में कानून और व्यवस्था पर सवाल उठाया है।

उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने हमला करवाया उनके टारगेट में राजद विधायक थे लेकिन उनके बदले गोली दूसरों को लग गई। 

उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार किसी को भी सुरक्षा नहीं दे सकती। हमलावर फिल्मी अन्दाज में हवा में फायरिंग करते हुए बाइक पर भाग गये और प्रदेश के सीएम नीतीश कुमार ऐसे हादसों पर मौनी बाबा बन जाते है।

तेजस्वी ने कहा कि मैं देशवासियों को बताना चाहूंगा की विगत जुलाई में जनादेश का कत्ल करने के बाद से हमारे चौथे विधायक पर जानलेवा धमकी के बाद हमला हुआ है। नीतीश कुमार चोरी की कुर्सी बचाने के चक्कर में काला लबादा ओढ़कर कुर्सी से चिपक गये हैं।

इसका जवाब देते हुए जदयू की ओर से संजय सिंह ने कहा कि 24 घंटा भी नहीं हुआ और सूरज चौधरी नाम का अपराधी विधायक पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। जो लोग सरकार पर अंगुली उठा रहे हैं एेसे लोग अपने 15 साल के शासन को देखें, फिर कुछ बोलें।

संजय सिंह ने पूछा कि क्या उन्हें याद है कि राजद विधायक राज बल्लभ यादव आखिर कौन है और किस मामले में पिछले 2 सालों से जेल में बंद है ? संजय सिंह ने तेजस्वी यादव से सवाल पूछा कि आज जब ऐसी घटनाओं के हो जाने पर वह नीतीश कुमार से इस्तीफा मांग रहे हैं तो क्या जब वह सरकार में थे और उस वक्त भी ऐसी घटनाएं होती थी तो वह उस वक्त अपना इस्तीफा क्यों नहीं देते थे ?

इस पर राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार में पुलिस बल की कमी है और बाकी जो भी लोग हैं, वो शराब और बालू माफियाओं के साथ मिलकर अवैध वसूली करने में लगे हुए हैं। 

संजय सिंह ने कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह जी तो राजनीतिक कोमा में चले गये हैं और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी की बात का तो मैं नोटिस नहीं लेता।

वहीं इस मामले पर बोलते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में अपराधी, दलाल, नेता और माफिया ही सुरक्षित हैं।

तो वहीं केसी त्यागी ने कहा कि दोनों दल राजनीति से ऊपर उठकर प्रशासन की मदद करें और उसका पता लगायें, जिसने इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को जदयू के नेता पर भी शक है, तो उसका नाम लें तो उसपर पार्टी के साथ कानूनी  कार्रवाई भी की जाएगी।

 

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