नई दिल्ली, [बिजेंद्र बंसल]। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नई दिल्ली स्थित निवास 9 पंत मार्ग पर मंगलवार को अलग ही नजारा था। एक के बाद एक कांग्रेस के दिग्गज नेता हुड्डा निवास पर पहुंच रहे थे। खुद हुड्डा अपनी पत्नी अाशा हुड्डा और सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा के साथ दरवाजे पर खड़े होकर स्वागत कर रहे थे। मकर संक्रांति पर्व के मौके पर आयोजित दोपहर के भोज का। इस माैके पर खूब सियासी खिचड़ी पकी।  नेताओं की चर्चा का केंद्र में रही कर्नाटक में राजनीतिक उथल-पुथल और हरियाणा का जींद उपचुनाव रहा ।

भोज में दिल्ली के चांदनी चौक की प्रसिद्ध चाट और लजीज व्यंजनों के स्वाद के साथ यहां नेताओं के बीच सियासी चर्चा का तड़का भी लग रहा था। कर्नाटक में कांग्रेस गठबंधन की सरकार की अस्थिरता से लेकर हरियाणा के जींद उपचुनाव में जीत-हार की चर्चा सभी नेताओं की जुबान पर थी। भोज के दौरान हुड्डा परिवार के सभी सदस्यों में इस बात को लेकर भी उत्साह था कि हाईकोर्ट ने भाजपा सरकार के शिकंजे से पूर्व सीएम को राहत दे दी है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा निवास पर  भोज में कांग्रेस नेता अहमद पटेल व राजीव शुक्ल। साथ में कुलदीप शर्मा।

बता दें, मकर संक्रांति के मौके पर हुड्डा परिवार प्रतिवर्ष अपने आंगन में अतिथियों के लिए हर वर्ष लजीज पकवानों का भोज आयोजित करता है। हुड्डा ने पहली बार हरियाणा का सीएम बनने के बाद 2006 से इस भोज की शुरूआत की थी। पिछले 14 साल के दौरान इस भोज के स्वादिष्ट पकवानों की सुगंध अब इतनी फैल चुकी है कि जनवरी माह शुरू होते ही सियासी गलियारों में दिग्गज नेताओं तक को हुड्डा के आमंत्रण का इंतजार रहता है।
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आशा हुड्डा ने किया शीला दीक्षित का स्वागत

दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित का स्वागत करते हुए आशा हुड्डा।

दिल्ली कांग्रेस की नई अध्यक्ष शीला दीक्षित के पहुंचने पर आशा हुड्डा ने उनका स्वागत किया। शीला के साथ-साथ लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल, मोतीलाल वोरा, जर्नादन द्विवेदी, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, अभिषेक मनु सिंघवी, अंबिका सोनी, राजीव शुक्ला, सुनील शास्त्री,  हरियाणा कांग्रेस के 13 विधायक, पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं सहित मीडिया जगत के भी काफी लोग इस भोज में पहुंचे।
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हर किसी की जुबान पर थी जींद की चर्चा

हरियाणा से जुड़े नेताओं की जुबान पर सिर्फ जींद उपचुनाव की ही चर्चा थी। इस भोज में जब कलायत से निर्दलीय विधायक जयप्रकाश पहुंचे तो सबकी नजर उन पर टिक गई। मीडियाकर्मियों ने जयप्रकाश (जेपी) से जींद उपचुनाव में जीत-हार के समीकरण भी पूछे। कुछ नेताओं ने जयप्रकाश से यह जानकारी भी ली कि उनके बेटे की टिकट कैसे कटी? इस पर जयप्रकाश ने ठहाके लगाते हुए बताया कि वह तो कांग्रेस में हैं नहीं। उन्हें तो चुनाव लड़ने के लिए बुलाया गया था। हां, टिकट मिल जाती तो जींद की सीट कांग्रेस की झोली में डाल देता।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा निवास पर निर्दलीय विधायक जयप्रकाश, पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा व अन्‍य।

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17 जनवरी से जींद प्रचार में जाएगा हुड्डा गुट

जींद उपचुनाव में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा के साथ उनके करीबी 17 जनवरी से जींद में डेरा डालेंगे। हुड्डा आवास पर उपस्थित राज्य के नेता जींद उपचुनाव में चार नहीं बल्कि पांच प्रमुख उम्मीदवार मान रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के उम्मीदवार विनोद आश्री भी भाजपा उम्मीदवार को सैनी और ब्राह्मण मतदाताओं में नुकसान पहुंचा रहे हैं। कांग्रेस, इनेलो और जन-जन पार्टी से तीनों उम्मीदवार राजनीतिक रूप से हैवीवेट जाट हैं। ऐसे में अब वैश्य मतदाताओं, खासतौर पर पूर्व मंत्री मांगेराम गुप्ता का रुख भी इस चुनाव में अहम रहेगा।
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पिछली बार आई थी कुलदीप बिश्नोई और रेणूका की जोड़ी, इस बार वे नहीं पहुंचे

हुड्डा के आंगन में पकने वाले सियासी पकवानों का स्वाद लेने पिछले साल जब विधायक कुलदीप बिश्नोई अपनी विधायक पत्नी रेणूका बिश्नोई के साथ पहुंचे तो वे सबके आकर्षण का केंद्र बन गए। इस बार कुलदीप और उनकी पत्नी का इस भोज में आना नहीं हुआ। हालांकि राजनीतिक दृष्टि से यह माना जा रहा है कि कुलदीप और हुड्डा के बीच सियासी समझौता है। पिछले चार साल में प्रदेश कांग्रेस प्रधान डॉ.अशोक तंवर और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी इस भोज में कभी नहीं दिखाई दिए।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha

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