नई दिल्ली, [बिजेंद्र बंसल]। चौटाला परिवार का विवाद खत्‍म होता नहीं दिख रहा है अौर मर्ज कम होने के बजाए बढ़ता नजर आ रहा है। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) में पारिवारिक कलह से बने बड़े फोड़े की आखिरी सर्जरी बृहस्‍पतिवार को गुरुग्राम में होगी।

पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला जेल जाने से पहले पूरे विवाद में आखिरी सर्जरी की तैयारी में हैं। चौटाला ने इनेलो की प्रदेश कार्यकारिणी की आपात बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में चौटाला कुछ अहम निर्णय लेंगे। इससे पहले बुधवार को चौटाला ने पोतों सांसद दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला ने यहां मुलाकात की।

गुरुवार को गुरुग्राम में बुलाई प्रदेश कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक


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दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला की सुबह 10.30 से 11.30 बजे तक बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान ओमप्रकाश चौटाला के साथ नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला भी थे। दुष्यंत और दिग्विजय अपने दादा से मुलाकात के बाद सीधे 18 जनपथ गए। यहां उनके इंतजार में दुष्यंत की सबसे छोटी बुआ अंजली सिंह बैठी थीं।

सूत्रों का कहना है कि दुष्यंत और दिग्विजय से अंजली सिंह की मुलाकात भी दादा ओमप्रकाश चौटाला की तरह बेनतीजा रही। अंजली ने मंगलवार अपनी दोनों बड़ी बहनों के साथ बड़े भाई डॉ.अजय सिंह चौटाला से तिहाड़ जेल में मुलाकात का प्रयास किया था, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सकीं।

परिजन और पुराने पदाधिकारियों ने मान-मनोव्वल का उठाया बीड़ा
7 अक्टूबर को गोहाना रैली के बाद से दुष्यंत व दिग्विजय के साथ पार्टी काडर के युवा कार्यकर्ता एकजुट हो रहे हैं। इसके नुकसान को भांपते हुए दोनों भाइयों को मनाने का जिम्मा अब चौटाला परिवार की बेटियों सहित पार्टी के पुराने पदाधिकारियों ने उठाया है। रोहतक के पूर्व सांसद इंद्र सिंह सहित कुछ अन्य पुराने नेताओं ने परिवार का विवाद सुलझाने की पहल शुरू कर दी है।
Dushyant and OP Chautala

इंद्रसिंह ने फरीदाबाद प्रवास के दौरान 16 अक्टूबर को पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला से विस्तृत चर्चा की थी। माना जा रहा है कि ये सभी नेता दुष्यंत-दिग्विजय को एक नए फार्मूले के लिए मना रहे हैं कि अभय सिंह चौटाला प्रदेश की राजनीति करेंगे तथा दुष्यंत-दिग्विजय को हिसार-भिवानी लोकसभा सीट देकर केंद्र की राजनीति स्वतंत्र रूप से दी जाए। हालांकि दुष्यंत-दिग्विजय ने इस फार्मूले को सिरे से नकार दिया है।

सूत्रों का तो यह भी कहना है कि पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला अपने निर्णय से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। वह अभय सिंह चौटाला को ही प्रदेश की राजनीति में अपना वारिस बनाना चाहते हैं और गुरुग्राम की प्रदेश कार्यकारिणी में वह इस बाबत कोई अहम फैसला ले सकते हैं।

ओमप्रकाश चौटाला को नजदीक से जानने वाले राजनेता तो यहां तक कह रहे हैं कि बृहस्‍पतिवार को गुरुग्राम में पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी में अभय सिंह चौटाला को पार्टी का अध्यक्ष भी घाेषित किया जा सकता है और उन्हें नई प्रदेश कार्यकारिणी बनाने का अधिकार दे दिया जाएगा।

अजय चौटाला ही करेंगे दुष्यंत-दिग्विजय की राजनीति का अंतिम फैसला
दुष्यंत-दिग्विजय ने बुधवार तिहाड़ जेल में बंद अपने पिता डॉ.अजय सिंह चौटाला से मुलाकात कर दादा आेमप्रकाश चौटाला से हुई मुलाकात का पूरा विवरण दे दिया है। प्रदेश की राजनीतिक के जानकार यह भी कह रहे हैं कि शिक्षक भर्ती घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद पार्टी के प्रदेश महासचिव डॉ.अजय सिंह चौटाला के 2 नवंबर को जेल से बाहर आने के बाद ही दुष्यंत और दिग्विजय की राजनीति पर अंतिम फैसला होगा। डॉ. अजय सिंह चौटाला के जेल से बाहर आने से पहले दुष्यंत-दिग्विजय हिसार और भिवानी की तरह ही प्रदेश के सभी जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच समर्थन जुटाते रहेंगे।

गुरुग्राम की प्रदेश कार्यकारिणी के लिए अभय गुट बना रहा ठोस रणनीति
गुरुग्राम में बृहस्‍पतिवार को होनेवाली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के लिए अभय सिंह चौटाला के समर्थक ठोस रणनीति बना रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि वैसे तो इस बैठक में दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला या उनके समर्थक हिस्सा नहीं लेंगे। लेकिन, यदि वे बैठक में हिस्सा लेने आते हैं तो उनके साथ क्या बर्ताव किया जाए, इसकी बाबत भी अभय गुट ओमप्रकाश चौटाला के निर्देश की प्रतीक्षा में रहेगा।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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