नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। water politics in delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। यह राजनीतिक रंग भी पकड़ने लगा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आरोप पर केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा, 'केजरीवाल एक गलती छिपाने के लिए कितनी गलतियां कर रहे हैं? इसीलिए हमारे खिलाफ अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।' पासवान ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को खुली चुनौती देते हुए कहा, 'अगर दिल्ली में नल का पानी शत प्रतिशत पीने लायक है तो भारतीय मानक ब्यूरो के मानक के हिसाब से वैधानिक घोषित करें।'

बीआइएस की विश्‍वनीयता पर सवाल खड़े करने पर की सीएम की आलोचना

पासवान ने स्वायत्तशासी संस्था भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने पर केजरीवाल की कड़ी आलोचना की। इस संस्था ने अब तक 25 हजार मानक तैयार किए हैं, जिसकी वैश्विक पहचान है।

21 राज्‍यों की राजधानी की पेयजल गुणवत्‍ता की हुई है जांच

देश के 21 राज्यों की राजधानी में पेयजल की गुणवत्ता जांची गई थी। इसमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी शामिल थी। आमतौर पर सभी जगहों के पानी के नमूने बहुत खराब पाए गए। दिल्ली सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के पानी खराब रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए उपभोक्ता मंत्री पासवान पर कई आरोप मढ़ दिए।

इस महीने के आखिरी में लिए जाएंगे वार्डों से सैंपल

पासवान ने कहा कि दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों और 140 वार्डों के पानी की जांच के लिए इस महीने के आखिर तक सैंपल लिए जाएं। इसकी जांच में दिल्ली जल बोर्ड और बीआइएस के तकनीकी अधिकारी शामिल किए जाएं। उन्होंने जोर देकर फिर कहा कि लेकिन जांच करने वाली टीम में राजनीतिक लोगों को शामिल न किया जाए। पानी की जांच किसी मान्यता प्राप्त लैब से कराने के बाद उसे सार्वजनिक किया जाए।

सवालिया लहजे में पूछा आखिर क्‍यों नहीं बनी टीमें

हैरानी जताते हुए पासवान ने कहा कि केजरीवाल ने जांच के लिए 32 टीमें बनाने की घोषणा की थी, लेकिन टीमों का गठन नहीं हुआ। इसके लिए हमने बीआइएस के 32 तकनीकी अफसरों की सूची जारी कर दी है। पासवान ने कहा, 'केजरीवाल पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट का राजनीतिकरण कर रहे हैं, जिसकी जरूरत नहीं है।

लोजपा दिल्‍ली में चुनाव नहीं लड़ती 

लोक जनशक्ति पार्टी दिल्ली में चुनाव नहीं लड़ती है। पानी की जांच केवल दिल्ली की नहीं हुई है, यह तो सभी राज्यों की राजधानी में हुई है। फिर केजरीवाल क्यों बौखला रहे हैं।' पासवान ने कहा कि देश का उपभोक्ता मंत्री होने के नाते उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है। पासवान ने तल्ख लहजे में कहा 'वह किसी के मामले में हस्तक्षेप नहीं करते हैं, लेकिन कोई उनके मामले में हस्तक्षेप करता है तो चुप नहीं बैठेंगे।'

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Posted By: Prateek Kumar

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