नई दिल्ली, एएनआइ। INX Media case: आइएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (former finance minister p. chidambaram) के साथ काम कर चुके विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (Foreign Investment Promotion Board) के छह आरोपित नौकरशाहों को शुक्रवार को दिल्ली की कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। इसी के साथ अग्रिम जमानत मामले में दिल्ली की कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी को भी नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।

गौरतलब है कि इस मामले में जिन 6 अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजा गया थास उसमें अजीत कुमार दुंगदुंग, रवींद्र प्रसाद, प्रदीप कुमार बग्गा, प्रबोध सक्सेना, अनूप के. पुजारी, सिंधुश्री खुल्लर के नाम शामिल थे। यह भी बता दें कि ये सभी 6 अधिकारी चिदंबरम के कार्यकाल में वित्त मंत्रालय में कार्यरत थे।

गौरतलब है कि मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला वर्ष 2007 का है और यह सीधे-सीधे आइएनएक्स मीडिया कंपनी से जुड़ा है। इस कंपनी की निदेशक शीना बोरा और उनके पीटर मुखर्जी भी आरोपित हैं। पी. चिदंबरम पर आरोप है कि बतौर वित्त मंत्री रहते हुए रिश्वत लेकर उन्होंने INX मीडिया हाउस को 305 करोड़ रु. का फंड लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) से मंजूरी दिलाई थी। इसे तार्किक आधार पर वैध नहीं माना गया है। यह भी आरोप है कि इससे कई कंपनियों को लाभ हुआ, जिसमें पी. चिदंबरम के बेटे की कंपनी भी शामिल है। 

इसके बाद 15 मई, 2017 को सीबीआइ ने मामला दर्ज किया था, फिर 2018 में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। बता दें कि एयरसेल-मैक्सिस डील में भी पी. चिदंबरम आरोपी हैं।वहीं, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इंद्राणी की कंपनी के खिलाफ टैक्स का एक मामला खत्म कराने के लिए अपने पिता के रुतबे का इस्तेमाल किया था। 

Posted By: JP Yadav

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