ग्रेटर नोएडा (राजीव वशिष्ठ)। Positive India : कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई में देश का हर वर्ग सामने आ रहा है। इसी कड़ी में सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के गांव बादलपुर में 'मोदी जी रसाई' का शुभारंभ किया गया है। इस रसोई के जरिये सैकड़ों लोगों को रोजाना खाना मुहैया कराया जा रहा है, जो प्रवासी हैं और फिलहाल आर्थिक संकट में हैं। 

प्रतिदिन 400 लोगों को मिल रहा है खाना

गौतमबुद्धनगर के दादरी विधानसभा 62 के बादलपुर मंडल के गांव बादलपुर में 'मोदी जी रसोई' के नाम से जरूरतमंद लोगों के लिए रसोई का शुभारंभ किया गया है। भाजपा के जिला प्रतिनिधि महेंद्र सिंह नागर के नेतृत्व में उनके आवास पर ही 'मोदीजी रसाई' की शुरुआत की गई है, जिसमें उनके साथी भी सहयोग कर रहे हैं।

लॉकडाउन खत्म होने तक जारी रहेगी रसोई

'मोदी जी रसोई' को लेकर महेंद्र सिंह नागर का कहना है कि जब तक लॉकडाउन खत्म नहीं हो जाता, हम आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को खाना खिलाते रहेंगे। वह कहते हैं- 'रोजाना की तरह रविवार को भी 'मोदी जी रसाई' में खाने के 400 पैकेट तैयार कर जरूरतमंद लोगों में बांटे गए। यह सिलसिला आगे भी रहेगा।'

उन्होंने बताया कि बादलपुर कोतवाली के कोतवाल पटनीश कुमार के नेतृत्व में जो हमारे यूपी पुलिस के जवान अपने राज्य की देखरेख कर रहे हैं, उनके लिए भी घर से बना शुद्ध खाना उनकी सेवा में अर्पित किया गया। इसी के साथ  जरूरतमंद लोगों को भी खाने के पैकेट वितरित किए गए।

महेंद्र नागर का कहना है कि 'मोदी जी रसाई' के संचालन में अशोक नागर, विनोद नागर भट्टे वाले, अजब सिंह नागर, प्रवीण नागर, डॉक्टर देवेंद्र कुमार नागर (दुजाना वाले),आनंद नागर, डॉ विक्रम सिंह , गजेंद्र सिंह नागर ( दिल्ली पुलिस), रविंद्र नागर (दिल्ली पुलिस), पवन कुमार, लटूर सिंह नागर,राजेश नागर, चमन नागर, शुभम नागर, अभिषेक नागर, दीपांशु नागर और कुमारी दीक्षा नागर का खास सहयोग रहा।

हलवाइयों ने दी निशुल्क सेवा

बताया जा रहा है कि इस संकट की घड़ी में 'मोदीजी रसोई' के तहत खाने तैयार करने में हलवाई अरण व अजय ने मुफ्त में अपना सहयोग दिया है। दोनों का कहना है कि संकट की इस घड़ी में हम देशवासियों के साथ खड़े हैं और यह सहयोग संकट खत्म होने तक जारी रहेगा।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव और खतरे के मद्देनजर 25 मार्च की रात 12 बजे से पूरे देश में लॉकडाउन है। ऐसे में लोगों को घरों में ही रहने के लिए कहा है। जाहिर है कि कंपनियों, फैक्ट्रियों और अन्य संस्थानों में कामबंदी होने की वजह से प्रवासी लोगों पर आर्थिक संकट आ गया है और उनके लिए दो जून की रोटी जुटाना भी मुश्किल है। इसी को ध्यान में रखने हुए कुछ संगठन आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए आगे आए हैं। इससे पहले नोएडा में बरोला के रहने वाले कुशलपाल ने अपने 50 किरायेदारों का किराया माफ कर एक मिसाल पेश की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने किरायेदारों में आटा, दाल, चावल भी बांटा था।

Posted By: JP Yadav

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