नोएडा, जेएनएन। अलीगढ़ के टप्पल कस्बे में ढाई वर्षीय मासूम की हत्या के बाद देश भर में माहौल गरमा गया है। माहौल नहीं बिगड़े, इसलिए जिला प्रशासन के आदेश पर कस्बे में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवान मुस्तैद हैं, जबकि नेताओं का पीड़ित परिवार के घर तांता लगा है।

टोल पर ही पुल‍िस ने रोका
इस बीच रविवार दोपहर अपने काफिले के साथ यमुना एक्सप्रे- वे से होते हुए टप्पल जा रही साध्वी प्राची को पुलिस ने जेवर टोल पर रोक लिया। टोल पर बने कार्यालय में बैठ कर पुलिस व साध्वी के बीच एक घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन माहौल खराब होने की बात कह कर पुलिस ने उनको वापस चलता कर दिया।

तीन थानों की पुल‍िस की थी तैनात
एहतियात के दौरान टोल पर तीन थानों की पुलिस तैनात की गई थी। सीओ जेवर शरद चंद शर्मा ने बताया कि रविवार दोपहर दो बजे के करीब पुलिस को सूचना मिली थी कि दिल्ली से विश्व हिंदु परिषद की नेता साध्वी प्राची टप्पल में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए निकली है। यह भी जानकारी मिली थी कि यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते टप्पल जाएंगी। सूचना के आधार पर जेवर, दनकौर व रबूपुरा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। टोल पर जैसे ही साध्वी का काफिला पहुंचा। उनको टप्पल नहीं जाने का आग्रह किया गया। एक घंटे की बातचीत के बाद वह मान गई और वापस चली गई।

हिंदू की राजनीति के लिए चर्चित हैं साध्वी
विश्व हिंदू परिषद की सदस्य साध्वी प्राची हिंदू राजनीति के लिए जानी जाती है। वर्ष 2015 में 28 सितंबर की रात ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा गांव में गो हत्या की सूचना पर इकलाख की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद बिसाहड़ा राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया था। साध्वी प्राची ने बिसाहड़ा गांव में घुसने का प्रयास दो दिन तक किया था। लेकिन, पुलिस ने उनको जाने नहीं दिया था।

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Posted By: Prateek Kumar

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