नई दिल्ली, जागरण संवाददाता।  दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर संसदीय समिति ने बुधवार को जिम्मेदार अफसरों की जमकर खिंचाई की। साथ ही एक हफ्ते के भीतर प्रदूषण के बढ़े स्तर को कम करने की चेतावनी भी दी। कमेटी ने इस दौरान 15 नवंबर की बैठक में नहीं पहुंचने वाले अफसरों की जमकर क्लास ली और उनसे लिखित में जवाब लिया। लेकिन, हैरानी की बात यह रही कि उसी बैठक से नदारद रहे अपने सदस्यों से कमेटी ने किसी तरह के सवाल तक नहीं किए।

बहरहाल, संसदीय समिति की यह बैठक काफी गहमागहमी भरी रही। इसमें कमेटी के कुल 29 सदस्यों में से 23 सदस्य मौजूद रहे। इनमें एमजे अकबर, हेमा मालिनी, गौतम गंभीर, दिग्विजय सिंह, संजय सिंह आदि शामिल थे। बैठक में पर्यावरण सचिव, शहरी विकास मंत्रलय के सचिव सहित डीडीए व सीपीसीबी के वरिष्ठ अधिकारी और सभी नगर निगमों के आयुक्त भी मौजूद थे।

समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बताया कि अफसरों ने एक हफ्ते के भीतर सुधार लाने का भरोसा दिलाया है। अगले हफ्ते फिर इस पर बात की जाएगी। संसद भवन परिसर में करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में पर्यावरण और शहरी विकास मंत्रलय ने संसदीय समिति के सामने प्रदूषण से निपटने का अपना प्लान भी रखा। ज्यादातर सांसद प्रदूषण की इस समस्या का एक तय समयसीमा के भीतर निराकरण चाहते थे।

इस पर पर्यावरण सचिव ने बताया कि पिछले वर्षों में इससे निपटने को लेकर किए गए उपायों के चलते प्रदूषण में करीब 15 फीसद की कमी आई है। आने वाले दिनों में इसमें 20 फीसद और भी कमी देखने को मिलेगी। बता दें कि पिछले 15 नवंबर को भी यह बैठक होनी थी लेकिन ज्यादातर सदस्यों के नहीं पहुंचने की वजह से इसे रद करना पड़ा था। 

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Posted By: Mangal Yadav

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