नई दिल्ली, एएनआइ। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कोरोना के बढ़ते मामले के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। सत्येंद्र जैन ने हरियाणा सरकार के आरोपों को नकारते हुए कहा कि ऐसा कहना सही नहीं है। दिल्ली में कई लोग राष्ट्रीय राजधानी की सीमा से सटे इलाकों में रहते हैं। 

सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर भी बहुत से कर्मचारी राजधानी में काम करते हैं और वे अपने घरों को रोजाना आते-जाते हैं। अगर हरियाणा में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं तो उन्हें इसे रोकने की पहल करनी चाहिए। 

अनिल विज ने दिया था ये बयान

अनिल विज ने कहा था कि हरियाणा के हजारों कर्मचारी और पुलिस के लोग दिल्ली में काम करते हैं। उन्हें दिल्ली में रोककर रखे जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। विज के मुताबिक, हरियाणा के मुख्य सचिव ने दिल्ली सरकार के सामने अपनी बात रख दी है। लेकिन कोई जवाब अभी तक नहीं आया है। अगर दिल्ली सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद नहीं करेगी तो केंद्र सरकार से उसकी शिकायत की जाएगी।

इसके साथ ही अनिल विज ने दिल्ली की तरफ से लगातार जारी किए जा रहे पास पर भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि हरियाणा की यात्रा के लिए दिल्ली की तरफ से लगातार पास जारी किए जा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामले की वजह से पास जारी नहीं किए जाने चाहिए।

कई मरीज ऐसे दो दिल्ली से हुए संक्रमित

बता दें कि सोनीपत में 13 केस ऐसे सामने आए हैं, जो दिल्ली से संक्रमित हुए हैं। सोनीपत का जो पुलिसकर्मी दिल्ली में काम करता है, वह वहीं से संक्रमित होकर आया। उसकी बहन समालखा थाने में एसआई है। वह भी कोरोना संक्रमित हो गई, जिसकी वजह से उनके परिवार के बाकी दो सदस्य भी संक्रमित हो गए। हरियाणा सरकार को समालखा थाने के 70 पुलिसकर्मचारियोंव स्टाफ को क्वारंटाइन करना पड़ा है।

सबसे अधिक मरीजों वाले टॉप 3 राज्यों में दिल्ली

दिल्ली देश के सबसे अधिक मरीजों वाले टॉप 3 राज्यों में आता है। महाराष्ट्र मरीजों के मामले में पहले, गुजरात दूसरे स्थान पर है। मगर दिल्ली भी धीरे-धीरे गुजरात के आंकड़ों को पछाड़ते हुए आगे निकलने की तैयारी में दिख रही है। यहां कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या ढाई हजार के पार हो चुकी है। 54 लोगों की इस वायरस की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। 95 हॉटस्पॉट जोन बनाए गए हैं। इन सील की गईं कॉलोनियों में 3 लाख 21 हजार से अधिक लोग रह रहे हैं।

Posted By: Mangal Yadav

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