नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) दिल्ली ने अपना 49वां दीक्षा समारोह आयोजित किया। इसमें 1635 छात्र और 429 छात्रओं को डिग्री दी गईं। इस साल 378 छात्रों को पीएचडी की उपाधि मिलेगी इनमें से 128 छात्रएं हैं। साथ ही बीटेक के कुल 694 छात्रों डिग्री दीं। बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र राजेश कुमार को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक मिला।

सिर्फ पैसे के पीछे ही न भागें बल्कि कुछ ऐसे बनें कि पैसा आपके पीछे भागे
राजेश ने कहा कि जीवन में सिर्फ पैसे के पीछे ही न भागें बल्कि कुछ ऐसे बनें कि पैसा आपके पीछे भागे। समारोह में निदेशक स्वर्ण पदक बीटेक केमिकल इंजीनियरिंग की छात्र संजना गर्ग को और डॉक्टर शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक एमटेक (ऊर्जा अध्ययन) के छात्र परीक्षित पारीक को दिया गया। तीन प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों को भी पुरस्कार दिए गए।

इस अवसर पर थर्मेक्स लिमिटेड की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अनु आगा समारोह की मुख्य अतिथि रहीं। अध्यक्षता आइआइटी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एवं उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने की। इस अवसर पर आइआइटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी रामगोपाल राव भी उपस्थित रहे।

बीटेक से सीधे पीएचडी
राजेश ने बताया कि आइआइटी में विकल्प है कि बीटेक के छात्र सीधे पीएचडी में एनरोल हो सकते हैं। इसके लिए ज्यादा सीजीपीए लाने होते हैं। मेरे 9.74 सीजीपीए थे। इस साल यह प्रावधान था कि जिसके 8.5 सीजीपीए से ज्यादा हैं वह पीएचडी के लिए साक्षात्कार दे सकता है।

देश में शोध के लिए विदेशी कंपनियों को ठुकरा दिया। रोहिणी सेक्टर-3 निवासी राजेश ने कहा कि मुङो लगता है कि सामान्य रिसर्च फेलोशिप के तहत 25 हजार रुपये मिलते हैं लेकिन मुङो प्रति महीने 70 हजार रुपये मिलेंगे। राजेश कुमार प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप (पीएमआरएफ) के जरिए सीधे पीएचडी करेंगे।

इसके लिए उन्हें प्रति महीने 70 हजार रुपये मिलेंगे। राजेश मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर और संस्थान के डीन फैकल्टी सुदीप्तो मुखर्जी के साथ रोबोटिक्स तकनीक पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया वह देश में ही रहकर शोध करना चाहते थे इसलिए मोटे वेतन पैकेज दे रहीं विदेशी कंपनियों के कैंपस प्लेसमेंट को ही उन्होंने ठुकरा दिया।
मंगलम बिड़ला ने छात्रों को दिए जीवन में सफलता के मंत्र
उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने छात्रों से कहा कि मैं तीन विशेषताओं के बारे में आपको बताना चाहता हूं - महत्वाकांक्षा, साहस और टीमवर्क जिंदगी में बेहद जरूरी हैं। महत्वाकांक्षा प्रत्येक टीम, संगठन और समाज में उपलब्धि का स्तर बढ़ाती है और व्यक्तियों को उनकी क्षमता का एहसास कराने में मदद करती है।

Posted By: Prateek Kumar

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